मालवा अंचल में मानसून की बेरुखी और बारिश थमने से चिंतित ग्रामीणों ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए एक अनोखी और प्राचीन परंपरा का सहारा लिया है। इंदौर जिले की महू तहसील के ग्राम गवली पलासिया में अच्छी बारिश की कामना को लेकर ‘जिंदा व्यक्ति की शव यात्रा’ निकाली गई। ग्रामीणों का मानना है कि इस अनूठे टोटके से रूठे हुए मेघराज प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है।
अर्थी पर लेटा जिंदा इंसान, ढोल-धमाकों के साथ निकली यात्रा
गांव में फसलों को पानी न मिलने से परेशान किसानों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस प्रतीकात्मक यात्रा का आयोजन किया। यात्रा के दौरान एक जीवित व्यक्ति को बांस की अर्थी पर लिटाया गया और उसे कफन की तरह कपड़े से ढंका गया। इसके बाद ढोल-धमाकों और धार्मिक भजनों के साथ गांव की मुख्य गलियों और चौराहों से यह ‘जिंदा शव यात्रा’ निकाली गई। गांव के लोग पीछे-पीछे चलते हुए भगवान से जल्द से जल्द मूसलाधार बारिश कराने की प्रार्थना कर रहे थे।
बरसों पुरानी मान्यता और अटूट आस्था
गवली पलासिया के ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि जब भी खेतों में पानी की सख्त जरूरत होती है और बारिश रुक जाती है, तो पूर्वजों के जमाने से चला आ रहा यह टोटका अपनाया जाता है। मान्यता है कि इस तरह की सांकेतिक शव यात्रा निकालने से प्राकृतिक बाधाएं दूर होती हैं और इंद्रदेव की कृपा बरसती है। बारिश की आस में निकली यह अनोखी और आस्था से भरी यात्रा अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों को पूरा भरोसा है कि उनकी यह प्रार्थना जरूर रंग लाएगी और जल्द ही गांव में झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा।

