ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश में पुलिस और राज्य बाल कल्याण समिति (CWC) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय/राज्य स्तरीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बाल तस्करी के एक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभिन्न हिस्सों से 19 बच्चों को बचाया गया और तीन संदिग्ध बिचौलियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, नामसाई जिले की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की शिकायत के बाद 17 अगस्त को नामसाई थाने में मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि बच्चों को शि-योमी जिले के मेचुका, वेस्ट सियांग के आलो, ईस्ट सियांग के पासीघाट, नाहरलागुन, ईटानगर और लोंगडिंग से बचाया गया।
पुलिस ने बताया कि मामला कई जिलों से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से कथित तौर पर उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और देखभाल उपलब्ध कराने का वादा करके संपर्क किया गया।
इसके बाद नाबालिग बच्चों को कथित तौर पर दूसरे स्थानों पर ले जाकर वहां अलग-अलग लोगों के पास रखा गया। नामसाई के पुलिस अधीक्षक सांगे थिनले ने बताया कि बचाए गए बच्चों में अधिकांश की उम्र आठ वर्ष से कम है और सबसे छोटे बच्चे की उम्र करीब तीन वर्ष है। उन्होंने कहा, पुलिस ने कुछ बिचौलियों और माता-पिता के बीच हर बच्चे के लिए 10,000 रुपये से 50,000 रुपये तक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का भी पता लगाया है।
उन्होंने बताया कि बच्चों से कथित तौर पर घरेलू काम और होटलों से जुड़े काम कराए जा रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बच्चों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा, एसआईटी फिलहाल वित्तीय लेनदेन, डिजिटल साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने और उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें ऐसे बच्चों के बारे में कोई जानकारी हो तो वे पुलिस के साथ इसे साझा करें।

