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    Home»छत्तीसगढ़»कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत आदेश जारी किया
    छत्तीसगढ़

    कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत आदेश जारी किया

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJanuary 22, 2025
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    गरियाबंद 21 जनवरी 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक कुमार अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा-3 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिए शासकीय व अशासकीय भवनों पर नारे लिखे जाते हैं, बैनर लगाये जाते हैं, पोस्टर चिपकाये जाते है तथा विद्युत एवं टेलीफोन खम्भों पर चुनाव से संबंधित झण्डियां लगायी जाती हैं। जिसके कारण शासकीय संपत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है। इस संबंध में शासन द्वारा छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 पारित किया गया है। इस अधिनियम की धारा-3 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खडिय़ा, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रूपए तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा।
    छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा-3 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश दिया गया है कि चुनाव प्रचार के दौरान यदि विभिन्न राजनैतिक दलों अथवा चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थियों द्वारा किसी शासकीय एवं अशासकीय भवन की दीवारों पर किसी भी प्रकार के नारे लिखकर विकृत किया जाता है, विद्युत एवं टेलीफोन के खम्भों पर झण्डियां लगाई जाती हैं अथवा ऐसे पोस्टर एवं बैनर लगाकर शासकीय सम्पत्तियों को विकृत किया जाता है, तो ऐसे पोस्टर एवं बैनर हटाने चुनावी नारे मिटाने के लिए अनुभाग स्तर पर लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता तत्काल प्रभाव से गठित किया गया है। इस दस्ते में लोक निर्माण विभाग, स्थानीय निकाय के स्थायी गैंग के पर्याप्त संख्या में कर्मचारी पदस्थ रहेंगे। यह लोक सुरक्षा संपत्ति दस्ता टीआई या थाना प्रभारी के सीधे देख-रेख में कार्य करेगा। इस दस्ते को सहयोग देने के लिए और स्थल पर जाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक सहायक उप निरीक्षक (पुलिस) एवं स्थानीय निकाय के एक कर्मचारी की ड्यूटी लगायी गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस दस्ते को लोक संपत्ति के विरूपण से बचाने के लिए सभी आवश्यक सामग्री जैसे गेरू, चूना, कूची, बांस एवं सीढ़ी आदि उपलब्ध करायी गई है।
    यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी के लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है, तो निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता निजी संपत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्रवाई करेगा एवं थाना प्रभारी संबंधित प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर विधिवत जांच कर सक्षम न्यायालय में चालान प्रस्तुत करेंगे। थाना प्रभारी लोक संपत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को एक पंजी में पंजीबद्ध करेंगे तथा शिकायत की जांच करेंगे। शिकायत की जांच करते समय विरूपित संपत्ति की फोटोग्राफी – वीडियोग्राफी करवाएंगे एवं तथ्य सही पाये जाने पर लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता को आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देशित करेंगे। थाना प्रभारी इस संबंध में की गई कार्रवाई से संबंधित साप्ताहिक प्रतिवेदन जिला निर्वाचन कार्यालय में भेजेंगे। यह प्रतिबंध निर्वाचन प्रक्रिया समापन तक सम्पूर्ण गरियाबंद जिले में प्रभावशील रहेगा।

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