गरियाबंद। राजिम कुंभ कल्प के पांचवे दिन भगवान कुलेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुगण अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराने अधिक संख्या में पहुंचे। चूंकि राजिम में त्रिवेणी संगम और हरी-हर की पवित्र नगरी होने के कारण यहां बारह महिने धार्मिक कार्य होते रहते है। अपने बच्चे की मंगल कामना के साथ ही राजिम कुंभ में मुंडन संस्कार कराना अपना सौभाग्य मानते है।
राजिम में आने वाले मेलार्थी अपने बच्चो का मुंडन संस्कार करा रहे है। भारतीय संस्कृति में बच्चों का मुंडन संस्कार करने का धार्मिक विधान है। मंदिर के पास बैठे भरत सेन ने बताया कि जब से मेला शुरू हुआ है तब से अभी तक दर्जन भर से अधिक श्रद्धालु यहां आकर मुंडन संस्कार करा चुके है। भारतीय संस्कृति में 16 संस्कार होते है, जिनमे से एक संस्कार मुंडन संस्कार है।
छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम के कण कण में भगवान का वास है। जिनकी कृपा से प्रतिवर्ष राजिम कुंभ सफलता पुर्वक संपन्न होता है। इस प्रयाग नगरी राजिम में अभी कुंभ मेला नवीन स्थल चौबेबांधा मे आयोजित हो रहा है। 12 फरवरीं से प्रारंम्भ यह आयोजन 26 फरवरीं तक चलेगा।
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