बिलासपुर, 10 जनवरी 2025/बिलासपुर संभाग में संचालित सभी चिकित्सा संस्थाओं में कार्यरत स्टाफ की सुरक्षा उपायों पर क्रियान्वयन के लिए संभागायुक्त डॉ. महादेव कावरे और आईजी संजीव शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक वीसी के जरिए आज यहां कमिश्नर कार्यालय में हुई। बैठक में एसपी रजनेश सिंह, सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, सहित अन्य लोग मौजूद थे। संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर- एसपी ,चिकित्सा महाविद्यालय के डीन और पदाधिकारी वीसी के जरिए शामिल हुए।
बैठक में संभागायुक्त ने चिकित्साकर्मियों को प्राप्त कानूनी संरक्षण को प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने, सुरक्षा और हिंसा रोकथाम के लिए समितियों का गठन करने, चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश पर नियंत्रण, चिकित्साकर्मियों के लिए सुरक्षा प्रावधान, पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था एवं निगरानी, रात्रिकालिन सुरक्षागश्त, चौबीसों घंटे सुरक्षा नियंत्रण कक्ष की स्थापना, यौन उत्पीड़न घटना की रोकथाम के लिए गठित आंतरिक समिति के बेहतर संचालन करने, चिकित्सा संस्थानों में पुलिस चौकी की स्थापना, पुलिस प्रशासन के माध्यम से सुरक्षा ऑडिट कराना, हेल्पलाईन नम्बर 112 के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित करना आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत स्टाफ की सुरक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। उनकी सुरक्षा के लिए तमाम उपाय सुनिश्चित किये जाए। उन्होंने पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के निर्देश दिए। सीसीटीव्ही का बैकअप कम से कम 15 दिन तक रखने कहा। आईजी श्री संजीव शुक्ला ने पुलिस विभाग को चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी निर्देश दिए। लगातार पेट्रोलिंग करने कहा। इसके साथ ही महिला रेस्ट रूम के पास दो-दो महिला होमगार्ड की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि सभी चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए राज्य सुरक्षा कानून एवं भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं को दण्डात्मक जुर्माने के विवरण सहित सिम्स अस्पताल एवं महाविद्यालय के मुख्य स्थानों पर प्रदर्शित करने की कार्यवाही की जा रही है। अस्पताल सुरक्षा समिति और हिंसा रोकथाम के लिए समिति का गठन किया गया है। सिम्स द्वारा बताया गया कि संस्थान में चिकित्सकों एवं नर्सों के आवासीय परिसरों व छात्रावासों में 98 सी.सी.टी.वी. कैमरे पहले से ही लगे हुए है, जिसकी निगरानी समय-समय पर की जा रही है। इसके साथ ही और 100 कैमरें लगाए जा रहे हैं। बैठक में बताया गया कि महिला उत्पीड़न आंतरिक निवारण समिति का गठन पूर्व से किया गया है।
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