Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने पर जोर : आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
    • छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक उड़ान, संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान
    • आईसीएआर-एनआईबीएसएम द्वारा ‘पोषण वाटिका’ पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
    • बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, ‘विष्णु भैया’ ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा
    • कृषि शिक्षा में भी हैं करियर, नवाचार और उद्यमिता के असीमित अवसर
    • प्रदेश में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी के लक्ष्य के विरूद्ध 97 प्रतिशत बोनी पूर्ण
    • मुख्यमंत्री ने संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया
    • 4 साल की बेटी के सामने पत्नी से सेक्स, वीडियो बनाकर पोर्न वेबसाइट्स पर बेचता, गिरफ्तार
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, August 25
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»अयोध्या में रामलला के दरबार में आस्था और रंगों का महासंगम
    धर्म आस्था

    अयोध्या में रामलला के दरबार में आस्था और रंगों का महासंगम

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMarch 3, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    अयोध्या की होली हमेशा से खास रही है, लेकिन राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद यहां का उल्लास अब वैश्विक हो चुका है. इस वर्ष यानी 2026 में, अयोध्या में होली का त्यौहार 3 और 4 मार्च को मनाया जा रहा है. हालांकि, इस बार पंचांग की गणना और चंद्र ग्रहण के कारण भक्तों को समय का विशेष ध्यान रखना होगा.

    मुख्य तिथियां और शुभ मुहूर्त

    शास्त्रों और स्थानीय पंचांगों के अनुसार, इस वर्ष तिथियों का क्रम कुछ इस प्रकार है:

    1. होलिका दहन: 2/3 मार्च 2026
    2. रंगों वाली होली (धुलंडी): 4 मार्च 2026 (बुधवार)

    2 मार्च की रात्रि को भी कुछ स्थानों पर भद्रा समाप्त होने के बाद (मध्यरात्रि के बाद लगभग 12:50 बजे) होलिका दहन का वैकल्पिक मुहूर्त माना गया है, लेकिन अयोध्या के अधिकांश मठ-मंदिरों में मुख्य उत्सव 3 मार्च की शाम से शुरू होकर 4 मार्च को रंगों के साथ संपन्न होगा.

    चंद्र ग्रहण का प्रभाव और राम मंदिर के समय में बदलाव

    इस साल होली पर एक दुर्लभ खगोलीय घटना घट रही है, पूर्ण चंद्र ग्रहण. यह ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा, जिसका सीधा असर अयोध्या के मंदिर दर्शन और पूजा पद्धति पर पड़ेगा.

    1. सूतक काल: चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. इसके कारण 3 मार्च को श्री राम जन्मभूमि मंदिर के पट सुबह 9:00 बजे से रात 8:30 बजे तक बंद रहेंगे.
    2. दर्शन का समय: श्रद्धालु 3 मार्च को केवल सुबह की मंगला आरती (4:30 AM) और श्रृंगार आरती (6:30 AM) के दर्शन कर सकेंगे. ग्रहण समाप्त होने और मंदिर के शुद्धिकरण के बाद रात 8:30 बजे दोबारा पट खुलेंगे.
    3. होलिका दहन: ग्रहण का मोक्ष (समाप्ति) शाम 6:47 बजे होगा, जिसके बाद ही शुद्धिकरण करके होलिका दहन की रस्म निभाई जाएगी.

    रामलला की ‘दिव्य होली’

    अयोध्या में होली की शुरुआत सबसे पहले भगवान राम के चरणों में गुलाल अर्पित करके होती है. 4 मार्च को जब पूरी अयोध्या रंगों में सराबोर होगी, तब राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को विशेष अबीर और प्राकृतिक गुलाल चढ़ाया जाएगा.

    जानकारी के अनुसार ट्रस्ट की ओर से रामलला के लिए खास फूलों के रंगों का इंतजाम किया गया है. टेसू (पलाश) के फूलों से बना रंग और चांदी की पिचकारी से जब पुजारी रामलला पर रंग छिड़कते हैं, तो वह दृश्य अलौकिक होता है. भक्तों पर भी ‘प्रसादी रंग’ डाला जाता है, जिसे पाना परम सौभाग्य माना जाता है.

    मठ-मंदिरों में उत्सव की धूम

    अयोध्या के केवल राम मंदिर ही नहीं, बल्कि हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल और जानकी महल जैसे हज़ारों मंदिरों में होली का अपना ही आनंद है.

    • हनुमानगढ़ी की होली: हनुमानगढ़ी में नागा साधुओं की होली देखने लायक होती है. यहां बजरंगबली के जयकारों के साथ भारी मात्रा में गुलाल उड़ाया जाता है.
    • सांस्कृतिक कार्यक्रम: होली के अवसर पर अयोध्या के घाटों और मंदिरों के प्रांगण में ‘फगुआ’ (पारंपरिक होली गीत) गाए जाते हैं. ढोल-मंजीरों की थाप पर संतों और भक्तों का नृत्य अयोध्या की गलियों को जीवंत कर देता है.

    श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुझाव

    यदि आप इस बार अयोध्या की होली का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए. होली की भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने अमृतसर से अयोध्या धाम के बीच विशेष ट्रेनें (5 और 7 मार्च) चलाने की घोषणा की है. अपनी बुकिंग पहले से सुनिश्चित करें.

    रामलला के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं. ग्रहण के कारण 3 मार्च को दर्शन का समय सीमित है, इसलिए अपनी योजना 4 मार्च के लिए बनाना अधिक बेहतर होगा.

    अयोध्या की होली इस बार भक्ति और खगोल विज्ञान का एक अनूठा उदाहरण पेश कर रही है. जहां एक ओर चंद्र ग्रहण के कारण संयम और शुद्धि का पालन होगा, वहीं दूसरी ओर 4 मार्च को सरयू के तट पर उड़ने वाला गुलाल ‘राम राज्य’ की खुशहाली का प्रतीक बनेगा. यह त्यौहार हमें सिखाता है कि बुराई पर अच्छाई की जीत निश्चित है, चाहे वह होलिका की अग्नि हो या अज्ञानता का अंधेरा.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    कौन थे शुक्राचार्य? दैत्य गुरु की ये बातें शायद ही जानते होंगे

    August 25, 2026

    सावन की अंतिम सोमवारी पर सजा बाबा बैद्यनाथ का दरबार, गूंजा ‘हर-हर महादेव’

    August 24, 2026

    चंद्र ग्रहण पर इन 3 राशियों को रहना होगा सतर्क

    August 23, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.