क्या भबानीपुर में होगी ममता की सुवेंदु से टक्कर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पिछले विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम सीट सुर्खियों में रही थी, क्योंकि इस सीट पर पूर्व टीएमसी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को बीजेपी से चुनौती देते हुए हरा दिया था। यह तब हुआ था जब ममता बनर्जी भबानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम आ गई थी। ममता बनर्जी 1956 वोटों से हार गई थीं, हालांकि इसके उपचुनाव में वह भवानीपुर सीट से विजयी रही थीं। पांच साल जब अब बंगाल में फिर से चुनाव होने वाले हैं तब सुवेंदु अधिकारी के भबानीपुर से उतरने की चर्चाओं ने राजनीति को गरमा दिया है। चर्चा है कि बीजेपी ने ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती देने के लिए भबानीपुर में वॉररूम बनाया है।
ममता लगा चुकी हैं जीत की हैट्रिक
भबानीपुर विधानसभा सीट कोलकाता जिले में आती है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां से जीत की हैट्रिक लगा चुकी हैं। इस सीट पर 2011 से टीएमसी का कब्जा है। बीजेपी अभी तक इस सीट पर कभी नहीं जीती है। 2021 में चुनाव में टीएमसी के सोवनदेब चट्टोपाध्याय जीते थे। बाद में उन्होंने ममता बनर्जी के लिए सीट खाली की थी। ममता बनर्जी उपचुनाव में 58,835 वोटों से जीती थीं। इस सीट पर पहले ममता बनर्जी का मुकाबला कांग्रेस की हैवीवेट नेता दीपादास मुंशी से भी हो चुका है। वे 2016 में ममता बनर्जी के सामने उतरी थीं। तब ममता बनर्जी 25 हजार वोटों से जीती थीं।
नंदीग्राम में हुआ था हाईवोल्टेज मुकाबला
सुवेंदु अधिकारी के भबानीपुर में ममता बनर्जी के सामने लड़ने की चर्चा ऐसे वक्त पर शुरू हुई है। जब राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम बिल्कुल अंतिम तौर में है। बंगाल के साथ अन्य चार राज्यों के चुनाव का शेड्यूल 15 मार्च के आसपास घोषित होने की उम्मीद की जा रही है। खुद सुवेंदु अधिकारी यह कह चुके हैं कि मैंने उन्हें नंदीग्राम में हराया था। इस बार मैं उन्हें भवानीपुर में भी हराऊंगा। मैं उन्हें 20,000 वोटों के मार्जिन से पूर्व मुख्यमंत्री बनाऊंगा। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर में ममता बनर्जी के सामने लड़ सकते हैं।
2021 उपचुनाव में क्या रहा था रिजल्ट?
बंगाल में एसआईआर के दौरान भबानीपुर में करीब 47,000 नाम हटाए गए हैं। इतना ही नहीं अभी 14,154 नामों पर फैसला होना बाकी है। ममता बनर्जी के गढ़ भबानीपुर में कुल 267 बूथ हैं। 2021 के उपचुनाव में ममता बनर्जी को 71.90 फीसदी वोट मिले थे, जब कि बीजेपी 22.29 फीसदी वोट पर अटक गई थी। ऐसे में ममता बनर्जी ने यह सीट 58 हजार से अधिक वोटों से जीती थी। ममता बनर्जी के नहीं लड़ने पर बीजेपी का वोट शेयर 35.16 प्रतिशत रहा था। तब बीजेपी 28,719 वोटों से हारी थी। फिलहाल भबानीपुर में बीजेपी के द्वारा एक बड़ा वॉररूम बनाए जाने से राज्य की राजनीति गर्म है। चर्चा है कि क्या नंदीग्राम जैसी टक्कर इस बार भवानीपुर में होगी।



