चुनाव से पहले तेजस्वी की रणनीतिक बैठक, लेकिन AIMIM ने बनाई दूरी

पटना: बिहार की राजनीति इन दिनों काफी सक्रिय हो गई है. राज्यसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को एक अहम बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
ये बैठक पटना स्थित तेजस्वी यादव के सरकारी आवास एक पोलो रोड पर दोपहर दो बजे आयोजित की गई है. बैठक में महागठबंधन के सभी विधायक और विधान परिषद सदस्य को बुलाया गया है. इस दौरान चुनाव की स्थिति, संभावित समर्थन और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.
एआईएमआईएम देगी झटका
हालांकि इस बैठक को लेकर एक दिलचस्प स्थिति भी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक इस बैठक में एआईएमआईएम शामिल नहीं होगी. पार्टी के सूत्रों के मुताबिक फिलहाल एआईएमआईएम तेजस्वी यादव की रणनीति पर नजर बनाए हुए है और अभी उसने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. बताया जा रहा है कि यदि एआईएमआईएम का समर्थन महागठबंधन को नहीं मिलता है तो इसका सीधा असर राष्ट्रीय जनता दल पर पड़ सकता है. राज्यसभा चुनाव में हर वोट की अहमियत होती है और ऐसे में कुछ वोटों की कमी भी उम्मीदवार की जीत को मुश्किल बना सकती है. सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यादव इस मुद्दे पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से बातचीत कर सकते हैं. माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद ही एआईएमआईएम यह तय करेगी कि वह मतदान के समय किसका समर्थन करेगी.
क्या है राज्यसभा चुनाव का गणित
राज्यसभा चुनाव के गणित को समझें तो किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए लगभग 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है. मौजूदा स्थिति में NDA के पास बहुमत के लिए जरूरी संख्या से तीन विधायक कम बताए जा रहे हैं. उन्हें जीत के लिए 205 विधायकों का समर्थन चाहिए, जबकि उनके पास करीब 202 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है.
आरजेडी की मुश्किलें
वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार के सामने भी चुनौती कम नहीं है. आरजेडी के पास फिलहाल जीत के लिए जरूरी संख्या से करीब छह विधायक कम बताए जा रहे हैं. ऐसे में एआईएमआईएम के पांच विधायकों और बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक का समर्थन मिल जाता है तो आरजेडी के उम्मीदवार की जीत का रास्ता आसान हो सकता है.



