ओवैसी ने हुमायूं कबीर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया बंगाल प्लान

बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछ चुकी है। मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर और AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बीच गठबंधन हो चुका है। बुधवार को दोनों नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बंगाल को लेकर अपना प्लान भी बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हम साथ-साथ विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा हो चुका है। बंगाल में मुस्लिम लीडरशीप को आगे लाना ही हमारा मकसद है।
चुनाव तक ही सीमित नहीं गठबंधन- ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमारी कोशिश है कि पश्चिम बंगाल में इस चुनाव में मुस्लिम माइनॉरिटी से एक लीडरशिप उभरे और मजबूत हो। हमने तय कर लिया है कि हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। यह अलायंस सिर्फ इस चुनाव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे हमारे पॉलिटिकल मकसद को पाने के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
क्या बोले हुमायूं कबीर
जनता उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आज मेरे भाई असदुद्दीन ओवैसी मेरे साथ हैं। आम जनता, हमारी पार्टी और AIMIM के साथ मिलकर हम पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच होने वाले चुनाव लड़ेंगे। हम करीब 182 से 192 उम्मीदवार उतारेंगे। आज शाम 4 बजे, राज्य पार्टी ऑफिस खोलने के बाद, मैं उम्मीदवारों की घोषणा करूंगा और ओवैसी भी उन सीटों की घोषणा करेंगे जिन पर वे चुनाव लड़ेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हम पूरे राज्य में 20 रैलियां करेंगे। पहली रैली 1 अप्रैल को ओवैसी के साथ बहरामपुर में होगी।
गिरिराज सिंह ने साधा निशाना
वहीं हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन और बंगाल में चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद असदुद्दीन ओवैसी पर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने AIMIM चीफ पर संसद के अंदर और बाहर अलग-अलग बातें करने का आरोप लगाया।
बीजेपी नेता ने कहा कि ओवैसी के दो चेहरे हैं। एक चेहरा यह है कि वह संसद में संविधान और कानून के साथ बोलते हैं। बाहर, उनका एजेंडा अकबर और बाबर जैसे लोगों पर केंद्रित है, जिसका मकसद यह सवाल करना है कि भारत में शरिया कानून कब लागू होंगे।



