Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • आमों की सुगंध और स्वाद से सराबोर हुआ रायपुर,राष्ट्रीय आम महोत्सव में उमड़ी आम प्रेमियों की भीड़
    • SIR, बिहार और बंगाल जैसा तेलंगाना में नहीं होने देंगे : मोहम्मद अजहरुद्दीन
    • ‘जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार हैं आर्म्ड फोर्स’ : थलसेना प्रमुख
    • IPS पापिया सुल्ताना पर PM मोदी के अपमान का आरोप, क्या बचेगी एसपी की कुर्सी
    • सीएम का आदेश, 20 दिन में ही बदल दिया सिस्टम, सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी
    • पत्नी करती है महिला कानूनों का दुरुपयोग, पति ने मांगी इच्छामृत्यु
    • झारखंड में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत
    • शव लेकर लौट रहे परिवार, भीषण सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, May 30
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»व्यापार»युद्ध की आहट से सहमा बाजार, सरसों से लेकर पाम तेल तक की कीमतों में भारी गिरावट
    व्यापार

    युद्ध की आहट से सहमा बाजार, सरसों से लेकर पाम तेल तक की कीमतों में भारी गिरावट

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 12, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Mandi Bhav: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी सैन्य संघर्ष का सीधा असर भारत के खाद्य तेल बाजार पर दिख रहा है. बीते सप्ताह विदेशी बाजारों में मंदी और घरेलू स्तर पर ऊंचे दामों पर कमजोर मांग के कारण सरसों, सोयाबीन, मूंगफली और पाम तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.

    सरसों: रिकॉर्ड पैदावार और किसानों की रणनीति

    सरसों की पैदावार इस बार काफी अच्छी है, लेकिन इसके बावजूद कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आई है. इसका कारण यह है कि किसान अपनी फसल को रोक-रोक कर बाजार में ला रहे हैं ताकि उन्हें बेहतर दाम मिल सकें. उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सरसों का तेल आयातित तेलों (Imported Oils) के मुकाबले 18-20 रुपये प्रति किलो सस्ता मिल रहा है.

    सोयाबीन और इंपोर्टेड तेलों का हाल

    विदेशी बाजारों में आई कमजोरी का सबसे ज्यादा असर सोयाबीन और पाम तेल (Crude Palm Oil) पर पड़ा है. युद्ध की स्थिति ने वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर उथल-पुथल मचा दी है, जिसके कारण दिल्ली और इंदौर की मंडियों में सोयाबीन तेल के दाम ₹275 से ₹425 प्रति क्विंटल तक टूट गए हैं.

    मूंगफली और बिनौला तेल में मंदी

    मूंगफली तेल के दाम गुजरात की मंडियों में सबसे ज्यादा गिरे हैं, जहाँ ₹650 प्रति क्विंटल की बड़ी गिरावट देखी गई. वहीं, बिनौला तेल भी विदेशी मंदी के रुख के साथ ₹350 प्रति क्विंटल नीचे बंद हुआ.

    तेल/तिलहन की किस्मगिरावट (रुपये में)बंद भाव (लगभग)
    सरसों दाना₹25 ↓₹6,900 – ₹6,925
    सरसों तेल (दादरी)₹225 ↓₹14,500
    सोयाबीन तेल (दिल्ली)₹425 ↓₹16,400
    मूंगफली तेल (गुजरात)₹650 ↓₹17,000
    कच्चा पामतेल (CPO)₹375 ↓₹13,350
    पामोलीन (दिल्ली)₹275 ↓₹15,400
    बिनौला तेल₹350 ↓₹15,100
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    गर्मियों में AC क्यों फटते हैं? आग लगने की वजह और बचाव के तरीके

    May 30, 2026

    WEF ने कहा दुनिया में मंदी और महंगाई का खतरा, मगर भारत की मजबूत वृद्धि बरकरार

    May 29, 2026

    AC का ये मोड बारिश में करेगा कमाल, उमस भी करेगा दूर… 

    May 29, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.