तिरुवनंतपुरम : कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आई किशोरी मोनालिसा भोसले की शादी को लेकर केरल में सियासी विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने इस मामले में सीपीएम के नेताओं पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। भाजपा के प्रदेश महासचिव एस. सुरेश ने आरोप लगाया कि यह शादी एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि 16 साल की नाबालिग लड़की की शादी राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी में कैसे हो गई।
सुरेश ने सीपीएम पर आरोप लगाया कि वह इस मामले को ‘धर्मनिरपेक्षता’ के नाम पर छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पार्टी के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन, शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी और सांसद ए.ए. रहीम पर भी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मोनालिसा के नाबालिग होने की बात आई सामने
यह विवाद तब और बढ़ गया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की रिपोर्ट में लड़की के नाबालिग होने की बात सामने आई। इसके आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस ने दूल्हे फरमान खान के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के तहत मामला दर्ज किया है।
दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आयोग की कानूनी टीम ने प्रथम दृष्टया साजिश के संकेत मिलने की बात कही है। साथ ही अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी अतिरिक्त धाराएं जोड़ने और दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़े की जांच की मांग की गई है। भाजपा नेता सुरेश ने उन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना इस शादी को संभव बनाया।
तिरुवनंतपुरम में हुई शादी
बताया जा रहा है कि यह शादी 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के पास एक मंदिर में हुई थी। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार लड़की का जन्म दिसंबर 2009 में हुआ था, जिससे वह शादी के समय नाबालिग थी। आयोग ने इस मामले में केरल पुलिस प्रमुख रावड़ा ए. चंद्रशेखर और मध्य प्रदेश पुलिस प्रमुख एस.के. राउत को दिल्ली तलब किया है।
सीपीआई एम ने झाड़ा पल्ला
वहीं, सीपाआई एम ने शादी आयोजित करने के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि पार्टी नेता समारोह के बारे में जानकारी मिलने के बाद ही वहां पहुंचे थे। यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में जांच और तेज होने की संभावना है।
राजनीतिक तूल पकड़ रहा मामला
CPI के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि एक युवती की शादी को लेकर चल रहे विवाद के पीछे एक राजनीतिक मकसद है। यह युवती प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान सुर्खियों में आई थी और बाद में उसने केरल के एक मंदिर में अपने दोस्त, जो एक मुस्लिम युवक है, से शादी कर ली थी। हाल ही में मध्य प्रदेश में एक जांच शुरू की गई थी, जब यह दावा सामने आया कि शादी के समय लड़की, जिसका नाम मोनालिसा है, की उम्र केवल 16 साल थी। पिछले महीने, शादी के बाद, वामपंथी नेताओं ने इस जोड़े से मुलाकात की और इसे असली केरल स्टोरी बताया।
विश्वम ने कहा कि शादी को अधिकारियों के सामने पेश किए गए आधार कार्ड के आधार पर मंज़ूरी दी गई थी और किसी भी नई जानकारी की ठीक से जांच की जानी चाहिए। जब उनसे लड़की के नाबालिग होने के आरोपों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इन सबके पीछे राजनीति है। आप इसे भूल सकते हैं, लेकिन हम नहीं भूलेंगे।

