रायपुर। छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध संस्कृति के साथ-साथ अपने पारंपरिक व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है। यहाँ के खान-पान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। इसी कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ की डिश ‘दाल फरा’ की, जिसे ‘चावल के फरे’ भी कहा जाता है। यह बिना तेल या बहुत कम तेल में भाप (steam) से पकने वाला व्यंजन है, जो प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन मिश्रण है।
आवश्यक सामग्री (Ingredients):
- चावल का आटा: 2 कप
- चना दाल: 1 कप (4-5 घंटे भीगी हुई)
- हरी मिर्च: 3-4 बारीक कटी हुई
- अदरक-लहसुन पेस्ट: 1 चम्मच
- हरा धनिया: बारीक कटा हुआ
- मसाले: नमक (स्वादानुसार), हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और जीरा।
- तड़के के लिए: तिल, करी पत्ता और सूखी लाल मिर्च।
बनाने की विधि (Recipe Steps):
- दाल तैयार करें: सबसे पहले भीगी हुई चना दाल को अदरक, लहसुन और मिर्च के साथ दरदरा पीस लें। इसमें नमक, हल्दी और हरा धनिया मिलाकर एक तरफ रख दें।
- आटा गूंथें: एक बर्तन में पानी गर्म करें और उसमें थोड़ा नमक डालकर चावल के आटे को नरम गूंथ लें।
- आकार दें: अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें पूरी की तरह बेलें या हाथ से फैलाएं। इसके बीच में तैयार दाल का मिश्रण भरें और उसे आधा मोड़ दें (गुझिया के आकार की तरह)।
- स्टीम करें: इन फरों को इडली स्टैंड या किसी जालीदार बर्तन में रखकर 15-20 मिनट तक भाप में पकाएं।
- तड़का लगाएं (वैकल्पिक): यदि आप इसे और चटपटा बनाना चाहते हैं, तो एक कड़ाही में थोड़ा तेल गरम करें। इसमें जीरा, तिल, करी पत्ता और मिर्च डालकर फरों को हल्का सुनहरा होने तक फ्राई करें।
प्रो टिप: इसे गरमा-गरम टमाटर और धनिया की तीखी चटनी के साथ परोसें।

