Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में शांति की कामना के लिए वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दी। अमेरिका में स्थित एक मंदिर के स्वयंसेवक ने राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए मंत्रोच्चार किए। बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्थान (बीएपीएस) के न्यू जर्सी के रॉबिन्सविले में स्थित मंदिर के एक स्वयंसेवक ने बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। स्वयंसेवक ने राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस समारोह में मौजूद सभी लोगों से आंखें बंद करने और हाथ जोड़ने का आग्रह किया। इसके बाद उन्होंने यजुर्वेद के शांति पाठ के मंत्रों का उच्चारण करते हुए विश्व शांति की कामना की।
शांति पाठ में स्वर्ग, आकाश, पृथ्वी, जल, वनस्पतियों, वृक्षों, देवताओं और स्वयं के भीतर शांति की प्रार्थना की जाती है। स्वयंसेवक ने कहा, ”पूरे बीएपीएस सॉवरेन फेलोशिप, न्यू जर्सी के रॉबिन्सविले स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम परिसर और हमारे गुरु, गुरु हरि मोहन स्वामी महाराज की ओर से हम इस अवसर के लिए आपका धन्यवाद करते हैं।” अमेरिका में राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस 1952 में कांग्रेस द्वारा पारित एक कानून के तहत हर वर्ष मई के पहले बृहस्पतिवार को मनाया जाता है। बीएपीएस के सार्वजनिक मामलों से संबंधी इकाई ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ”बीएपीएस को कल व्हाइट हाउस में आयोजित राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस में भाग लेने का सम्मान मिला, जहां बीएपीएस के एक स्वयंसेवक ने शांति और एकता के लिए हिंदू प्रार्थना प्रस्तुत की। जैसे-जैसे अमेरिका अपनी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे करने की ओर बढ़ रहा है, ऐसे क्षण हमें याद दिलाते हैं कि आस्था, सेवा और साझा मूल्य हमारे समुदायों को मजबूत बनाते हैं।”
अमेरिका में 75वां वार्षिक राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस बृहस्पतिवार को मनाया गया। इस दौरान अमेरिका के सभी 50 राज्यों, विभिन्न अमेरिकी क्षेत्रों और वाशिंगटन डीसी में हजारों समुदायों में प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। इस बार की थीम थी- ”राष्ट्रों के बीच ईश्वर का गुणगान करें – हर पीढ़ी में उनकी तलाश करें।” इस अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संदेश में कहा, ”इस राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस पर हम अमेरिका की प्रार्थना, आस्था और सर्वशक्तिमान ईश्वर में विश्वास की स्थायी परंपरा का सम्मान करते हैं। साथ ही जब हम अमेरिकी स्वतंत्रता के गौरवशाली 250 वर्षों का उत्सव मना रहे हैं, तब हम यह संकल्प लेते हैं कि ईश्वर द्वारा हमारे लोगों और हमारे देश को दिए गए अनगिनत आशीर्वादों को कभी नहीं भूलेंगे।”

