दिल्ली के मालवीय नगर के होटल के बाद अब बिहार के मुजफ्फरपुर में एक अस्पताल में अग्निकांड में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि मौतों का आकंड़ा अभी और बढ़ सकता है। लोगों के मुताबिक आग प्रसाद अस्पताल के 5वें फ्लोर पर लगी है। यहीं ICU वार्ड है। अग्निकांड की खबर मिलने पर स्थानीय गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने ICU और अस्पताल के दूसरे वार्डों में फंसे मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला। आग बुझाने की कोशिशें जारी है। अग्निकांड की वजहों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
अस्पताल की नर्स पर लोगों को जीवित बताने का लगाया आरोप
स्थानीय लोगों ने प्रसाद अस्पताल के मैनेजमेंट पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि पुलिस घटनास्थल से जल्दबाजी में शवों को लेकर चली गई। अस्पताल की नर्स ने जानबूझकर मृतकों को जीवित बताया। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर आग लगने के बाद समय पर पानी की व्यवस्था की गई होती तो मृतकों की संख्या नहीं बढ़ती। उन्होंने कहा कि अस्पताल के आईसीयू वार्ड में 93 साल की बुजुर्ग राधा देवी भर्ती थी। अचानक धुआं उठने पर उन्होंने ने ही इसकी जानकारी वार्ड बॉय को दी थी।

घटना पर आया DM का बयान
मुजुफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार ने कहा कि अस्पताल की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। अग्निकांड की हर पहलू की जांच की जा रही है। कुछ परिजन का आरोप है कि उनके मरीज वार्ड से गायब हैं। उन्हें आग में झुलसता छोड़कर अस्पताल के लोग भाग गए। आग बुझाने की कोशिशों के बीच दमकल विभाग के लोगों ने कहा कि अस्पताल का अधिकांश स्टाफ वहां मौजूद नहीं था।
सीएम सम्राट ने किया मुआवजे का ऐलान
सीएम सम्राट चौधरी ने मुआवजे का ऐलान किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।

