नई दिल्ली: आसमान में आज अद्भुत खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा, जब बृहस्पति और शुक्र ग्रह बेहद नजदीक होंगे. दोनों ग्रहों के बीच दूरी करीब 1.5 डिग्री की रह जाएगी. शाम को सूर्यास्त के बाद यह वाकया खुली आंखों से बिना दूरबीन, टेलीस्कोप के भी देखा जा सकेगा. नेहरू प्लैनेटोरियम के वैज्ञानिकों का कहना है कि सौरमंडल के दो सबसे चमकीले ग्रहों बृहस्पति और शुक्र के बीच अरबों किलोमीटर है, लेकिन आज इनके मिलन जैसा दुर्लभ नजारा देखने को मिलेगा. इसे ग्रहों का महामिलन कहा जा रहा है.
शुक्र-बृहस्पति ग्रह युति का सूर्यास्त के बाद नजारा
सूर्यास्त के तुरंत बाद आसमान में जुपिटर और वीनस एक-दूसरे के बेहद करीब होंगे. ऐसा दिखेगा कि दोनों ग्रह एक दूसरे को छूने वाले हैं.आज शाम 7.15 बजे सूर्यास्त के ठीक 30 से 45 मिनट बाद पश्चिमी क्षितिज यानी जिधर सूरज डूबा है, उस दिशा में देखें तो आप भी उस दुर्लभ घटना के गवाह बनने के साथ उसे कैमरे में कैद कर सकते हैं.
जुपिटर और वीनस को कैसे पहचाने
आसमान में जो सबसे ज्यादा चमकता हुआ सफेद बिंदु दिखेगा वह शुक्र ग्रह है.उसके पास जो दूसरा सबसे चमकीला बिंदु होगा वह बृहस्पति ग्रह होगा. बुध (Mercury) ग्रह भी इसी कतार में नजर आ सकता है. नेहरू तारामंडल के निदेशक डॉ. वाई रवि किरण कहते हैं, पृथ्वी से देखने पर बृहस्पति और शुक्र एक-दूसरे के बहुत करीब दिखाई देते हैं. जबकि वास्तव में बृहस्पति और शुक्र लाखों करोड़ों किलोमीटर दूर हैं, लेकिन जब हम पृथ्वी से आकाश को देखते हैं, तो हमें वह दूरी महसूस नहीं होती और दोनों अगल-बगल दिखाई देते हैं.
शुक्र और बृहस्पति की दूरी
भले ही ये दोनों ग्रह आसमान में एक-दूसरे के करीब दिखेंगे, लेकिन अगर धरती के लिहाज से देखें तो यह एक भ्रम है. अंतरिक्ष में ये दोनों ग्रह एक-दूसरे से अरबों किलोमीटर दूर हैं.शुक्र और बृहस्पति के बीच की औसत दूरी लगभग 67 करोड़ किलोमीटर है. दोनों ग्रह सूर्य के चक्कर अलग-अलग गति से लगाते हैं. इसलिए इनके बीच की न्यूनतम दूरी लगभग 52.8 करोड़ किमी और अधिकतम दूरी 81.4 करोड़ किमी तक हो सकती है.
पृथ्वी से दोनों ग्रहों की दूरी
पृथ्वी से इन दोनों ग्रहों की दूरी भी लगातार बदलती रहती है. शुक्र पृथ्वी से लगभग 18 से 20 करोड़ किलोमीटर दूर है. यह पृथ्वी के सबसे नजदीकी ग्रहों में है. लिहाजा आकार में छोटा होने के बावजूद सबसे ज्यादा चमकता है. धरती से बृहस्पति की दूरी पृथ्वी से लगभग 85 से 90 करोड़ किलोमीटर की है.
शुक्र : नर्क जैसी गर्मी वाला ग्रह
शुक्र को सिस्टर प्लैनेट यानी पृथ्वी की जुड़वा बहन (Twin Planet) भी कहा जाता है. इसका आकार और द्रव्यमान पृथ्वी जैसा ही है. सौरमंडल में सूर्य के सबसे नजदीक बुध (Mercury) है, लेकिन सबसे गर्म ग्रह शुक्र है. इसके घने वायुमंडल में 96% कार्बन डाईऑक्साइड है.इस ग्रह का तापमान 465 डिग्री तक रहता है, यहां जीवन असंभव सा है. सौरमंडल के अधिकांश ग्रहों के विपरीत शुक्र अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम घूमता है. यानी यहां सूर्योदय पश्चिम में और सूर्यास्त पूर्व में होता है.
बृहस्पति : सौरमंडल का राजा
बृहस्पति सौरमंडल का सबसे विशाल और भारी ग्रह है. यह इतना बड़ा है कि इसमें हमारी पृथ्वी जैसे 300 ग्रह इसमें समा सकते हैं.यह गैस का गोला है. शुक्र की तरह इसकी कोई ठोस सतह नहीं है. यह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना है. यह अपनी धुरी पर सौरमंडल में सबसे तेज घूमता है. इसका एक दिन महज 10 घंटे का होता है. शुक्र का एक भी चंद्रमा नहीं है, वहीं बृहस्पति के पास 95 चंद्रमा हैं. इसके वायुमंडल में एक विशाल तूफान चल रहा है.

