चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ( Tamil Nadu CM Vijay ) ने शुक्रवार को कर्नाटक के मूकांबिका देवी मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। इससे पहले वह नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए तीन दिन की दिल्ली यात्रा पर गए थे। मंदिर की परंपराओं के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय और उनके साथ आए लोगों ने बिना शर्ट पहने पूजा की। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं-
मुख्यमंत्री विजय का स्वागत
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने मंगलुरु हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री विजय का स्वागत किया, जब वे कर्नाटक के कोल्लूर मूकांबिका मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री विजय उडुपी जिले के कोल्लूर मूकांबिका मंदिर पहुंचे। मूकांबिका देवी मंदिर पश्चिमी घाट में सौपर्णिका नदी के किनारे स्थित है।
1.6 किलो चांदी की तलवार भेंट किया
तेज बारिश के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर उनका पारंपरिक स्वागत (पूर्ण कुंभ) किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने मूकांबिका मंदिर में भेंट के तौर पर 1.6 किलो चांदी की तलवार दी। बताया जाता है कि उन्होंने जीत के प्रतीक के तौर पर यह तलवार भेंट की और अनुरोध किया कि इसका इस्तेमाल रोजाना की पूजा-अर्चना में किया जाए।
MGR भी थे सच्चे भक्त
तलवार भेंट करने की इस घटना से एमजीआर की याद आती है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर भी देवी मूकांबिका के पक्के भक्त थे। राजनीति और सिनेमा दोनों क्षेत्रों में अपनी सफलता के लिए उन्हें देवी पर बहुत भरोसा था और उन्होंने पहले भी देवी को सोने की तलवार भेंट की थी।
पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्री
एमजीआर की तरह पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता भी देवी मूकांबिका की पूजा करती थीं। 2004 में उन्होंने मंदिर का दौरा किया और चंडिका यज्ञ किया और MGR की तरह की भेंट की गई सोने की तलवार को हाथ में लेकर पूजा-अर्चना की। MGR और जयललिता जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों के नक्शेकदम पर चलते हुए वर्तमान मुख्यमंत्री विजय ने भी मंदिर में पूजा की।
बिना शर्ट की पूजा
विजय ने बिना शर्ट पहने पूजा की। मूकांबिका अम्मन मंदिर में एक अनोखी परंपरा है। मंदिर परिसर के अंदरूनी हिस्से या गर्भगृह में पुरुषों को शर्ट पहनने की इजाजत नहीं है। इसलिए, सभी पुरुष भक्त वहां बिना शर्ट पहने ही पूजा करते हैं। इस परंपरा का पालन करते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने भी बिना शर्ट पहने और कंधों पर एक खास शॉल ओढ़कर पूजा की।
विजय के साथ पूजा
सिर्फ मुख्यमंत्री विजय ही नहीं, बल्कि उनके साथ आए लोगों, मैनेजर जगदीश, बॉडीगार्ड नईम मूसा और ज्योतिषी रतन पंडित वेट्रिवेल ने भी बिना शर्ट पहने मंदिर में पूजा की। देवी मूकांबिका की पूजा करने और मंदिर से बाहर निकलने के बाद मुख्यमंत्री विजय हाथ जोड़कर वहां मौजूद भीड़ का अभिवादन करते हुए अपनी कार की ओर बढ़े। इसके बाद उन्होंने खुद कार चलाई।
विजय का मंदिर दौरा
तिरुचेंदुर मुरुगन मंदिर और शिरडी साईं बाबा मंदिर जाने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक के कोल्लूर मूकांबिका मंदिर में पूजा की। खास बात यह है कि उन्होंने उस मंदिर में पूजा की जो पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी.आर. और जयललिता का पसंदीदा मंदिर था।

