कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी रविवार को विधायक हस्ताक्षर विवाद (सिग्नेचर मिसमैच) मामले में पूछताछ के लिए एक बार फिर पश्चिम बंगाल पुलिस के सीआईडी मुख्यालय पहुंचे। सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को दोपहर 12 बजे तक उपस्थित होने को कहा था। हालांकि, तृणमूल सांसद निर्धारित समय से पहले ही सीआईडी कार्यालय पहुंच गए। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य पुलिस की खुफिया शाखा की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि अगले दो सप्ताह तक सीआईडी उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।
समय से पहले पहुंचे सीआईडी ऑफिस
अभिषेक बनर्जी रविवार को सीआईडी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पहले रिसेप्शन पर जाकर अपना पहचान पत्र दिखाया और उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर किए। इसके बाद वह कार्यालय के अंदर गए। इस दौरान परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। इससे पहले अभिषेक बनर्जी 11 जून को भी हस्ताक्षर जालसाजी मामले में पूछताछ के लिए सीआईडी कार्यालय पहुंचे थे। उस दिन उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद वह रात में कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास गए थे।
15 जून को भी पूछताछ के लिए बुलाया
- सीआईडी ने उन्हें दोबारा रविवार को पेश होने के लिए कहा था। अभिषेक बनर्जी को सोमवार और मंगलवार को भी अलग-अलग मामलों में पूछताछ का सामना करना है।
- सोमवार (15 जून) को उन्हें पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती (कैश-फॉर-स्कूल-जॉब) घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
- ईडी ने उन्हें इस मामले में 3 जून को नोटिस जारी किया था।
16 जून को भी होना है पेश
वहीं, मंगलवार (16 जून) को उन्हें एक अन्य मामले में फिर सीआईडी मुख्यालय में पेश होना है। इस मामले में उन पर हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने और हिंसा भड़काने का आरोप है। इस संबंध में सीआईडी अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस दिया था। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह सोमवार और मंगलवार को संबंधित जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होंगे या नहीं। फिलहाल इन दोनों मामलों में पुलिस कार्रवाई से उन्हें हाईकोर्ट की कोई राहत प्राप्त नहीं है।

