Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी: समान नागरिक संहिता पर जनता से मांगे गए सुझाव
    • ​छत्तीसगढ़ी कला को मिलेगी ग्लोबल पहचान: 21 अगस्त को धमतरी में सजेगा ‘जनजातीय कारीगर एम्पैनलमेंट मेला’
    • वीबी–जीरामजी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत सदस्यों की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित
    • माँ के दूध से स्वस्थ जीवन की मजबूत शुरुआत, प्रदेशभर में विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत
    • रायपुर-WRS कॉलोनी के तालाब में 24-25 वर्षीय युवती की लाश मिलने से सनसनी …
    • अभनपुर में चौकीदार की संदिग्ध मौत: तालाब किनारे मिली लाश, हत्या की आशंका…
    • अडोबी के इंजीनियरिंग डायरेक्टर गौरी शंकर रवींद्रन 10 साल बाद अमेरिका छोड़ भारत लौटे Adobe के इंजीनियरिंग डायरेक्टर…
    • दुनियाभर में टॉप 10 में शामिल 8 एपिसोड की सांसें रोक देने वाली नेटफ्लिक्स हॉरर सीरीज, महल में आत्माओं का साया, जिंदा नहीं बचता कोई भी युवराज…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, August 4
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»गणेश जी के 12 नामों का जाप क्यों है शुभ? धार्मिक मान्यता
    धर्म आस्था

    गणेश जी के 12 नामों का जाप क्यों है शुभ? धार्मिक मान्यता

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJune 15, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Bhagwan Ganesh: भगवान गणेश का स्वरूप अत्यंत मनोहर एवं मंगलकारी माना गया है. वे एकदंत, चतुर्भुज, लंबोदर तथा गजानन हैं. उनके चार हाथों में क्रमशः पाश, अंकुश, मोदक पात्र तथा वरद मुद्रा सुशोभित रहती है. उनका वर्ण रक्ताभ माना गया है और वे पीत वस्त्र धारण करते हैं. रक्त चंदन और लाल पुष्प उन्हें विशेष प्रिय हैं. वे अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से शीघ्र प्रसन्न होकर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

    गणेश जी के प्रसिद्ध नाम और महिमा

    भगवान गणेश को माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र तथा सभी देवताओं में अग्रपूज्य माना जाता है. वे गणों के ईश्वर, विघ्नों का नाश करने वाले और प्रणव (ॐ) स्वरूप हैं. उनके अनेक नाम हैं, जिनमें सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्ननाशक, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र और गजानन विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं. मान्यता है कि इन बारह नामों का स्मरण या पाठ करने से विद्यारंभ, विवाह, गृहप्रवेश तथा यात्रा जैसे शुभ कार्यों में आने वाले विघ्न दूर होते हैं.

    भगवान गणेश की अवतरण की कथा

    पद्म पुराण के अनुसार माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से एक बालक का निर्माण किया और उसमें गंगाजल का संचार किया. गंगाजल के स्पर्श से वह बालक जीवित हो गया. माता पार्वती ने उसे अपने पुत्र के रूप में स्वीकार किया और ब्रह्माजी ने उसे गणों का अधिपति बनाकर “गणेश” नाम प्रदान किया. वहीं लिंग पुराण के अनुसार देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव ने गणेश जी को प्रकट किया. गजमुखधारी गणेश ने देवताओं तथा धर्म की रक्षा का दायित्व निभाया और विघ्नों का नाश करने वाले देवता के रूप में प्रतिष्ठित हुए.

    गणेश जी का परिवार और विभिन्न अवतार

    शास्त्रों के अनुसार प्रजापति विश्वरूप की पुत्रियां सिद्धि और बुद्धि भगवान गणेश की पत्नियां मानी जाती हैं. उनसे क्षेम और लाभ नामक पुत्र उत्पन्न हुए. विभिन्न युगों में भगवान गणेश के अलग-अलग स्वरूपों का वर्णन मिलता है. कृतयुग में सिंह वाहन विनायक, त्रेतायुग में मयूर वाहन मयूरेश्वर, द्वापर युग में मूषक वाहन गजानन तथा कलियुग में धूम्रकेतु स्वरूप का उल्लेख मिलता है.

    गणेश पूजा का महत्व

    भगवान गणेश विद्या, बुद्धि, विवेक और सिद्धियों के दाता माने जाते हैं. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनकी पूजा से की जाती है. उनकी आराधना से भक्तों के जीवन के विघ्न दूर होते हैं और सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं. उनका प्रसिद्ध मंत्र “ॐ गं गणपतये नमः” श्रद्धापूर्वक जपने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल का आगमन होता है.

    Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    सावन में दिख जाएं ऐसे सपने तो समझ लें भगवान शिव की है विशेष कृपा

    August 1, 2026

    इन राशियों के लिए सावन होगा ‘हरा ही हरा’, अचानक खुलेगी किस्मत! भोलेबाबा की विशेष कृपा

    August 1, 2026

    इस सावन 4 राशिवालों को मिलेगा लाइफ पार्टनर, शादी की बात होगी पक्की!

    July 30, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.