दिल्ली एनसीआर की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो (DMRC) अपने चौथे चरण (Phase 4) के साथ एक बार फिर राजधानी की रफ्तार बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है. फेज 4 के तीन प्रायोरिटी कॉरिडोर्स- जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग , मजलिस पार्क से मौजपुर , और तुगलकाबाद से एयरोसिटी (गोल्डन लाइन) के अंडरग्राउंड और एलिवेटेड सेक्शन्स पर इस समय ट्रायल्स और ओपनिंग की तैयारियां तेजी से चल रही हैं.
DMRC और प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार फेज 4 के तहत कुल तीन मुख्य प्रायोरिटी कॉरिडोर्स पर काम चल रहा है, जो दिल्ली के उन हिस्सों को जोड़ेंगे जो अब तक मेट्रो नेटवर्क से अछूते थे या जहां कनेक्टिविटी बेहद खराब थी:
1. जनकपुरी पश्चिम – आरके आश्रम मार्ग (मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन): DMRC और प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह कॉरिडोर लगभग 29 किलोमीटर लंबा है. यह बाहरी और उत्तर पश्चिमी दिल्ली के इलाकों जैसे पीरागढ़ी, मंगोलपुरी, वेस्ट एनक्लेव, मधुबन चौक, प्रशांत विहार और हैदरपुर बादली मोड़ को जोड़ते हुए मजलिस पार्क, आजादपुर और सीधे सेंट्रल दिल्ली के आरके आश्रम मार्ग तक पहुंचता है.
2. तुगलकाबाद – एयरोसिटी (गोल्डन लाइन): लगभग 23 किलोमीटर लंबा यह बिल्कुल नया कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली को सीधे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट के एयरोसिटी से जोड़ेगा. इसके मुख्य स्टेशनों में तुगलकाबाद, साकेत जी ब्लॉक, खानपुर, छतरपुर और महरौली शामिल हैं.
3. मजलिस पार्क – मौजपुर (पिंक लाइन एक्सटेंशन): यह करीब 7 किलोमीटर का छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह पिंक लाइन के रिंग रोड लूप को पूरा करता है. इसके आने से उत्तर और उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाके जैसे बुराड़ी, झरोदा और वजीराबाद सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़े हैं.
कितने घंटों की होगी बचत या कितना समय बचेगा? 2 घंटे का सफर अब 40 मिनट में
फेज 4 के चालू होने से दिल्ली की सड़कों पर लगने वाले भारी भरकम ट्रैफिक जाम से सीधे राहत मिलेगी.
घंटों की सीधी बचत: वर्तमान में जो सफर तय करने में लोगों को सड़कों पर डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है, वह मेट्रो के जरिए महज 30 से 40 मिनट में पूरा हो जाएगा. औसतन एक यात्री के दैनिक सफर में 1 से 1.5 घंटे की सीधी बचत होगी.
इनका समय बचेगा सबसे ज्यादा: सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो आउटर दिल्ली (जैसे मंगोलपुरी, बुराड़ी, वजीराबाद) से सेंट्रल या साउथ दिल्ली आते हैं. इसके अलावा, फरीदाबाद और तुगलकाबाद की तरफ से सीधे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अब पूरी दिल्ली घूमकर धौला कुआं होकर जाने की जरूरत नहीं होगी; वे ‘गोल्डन लाइन’ से सीधे आधे समय में एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे.
किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
अब जानते हैं स्टूडेंट, वर्किंग प्रोफेशनल और महिलाओं को कैसे होगा फायदा. दिल्ली मेट्रो का यह नया चरण समाज के तीन सबसे सक्रिय वर्गों के लिए गेम चेंजर साबित होने वाला है:
1. स्टूडेंट्स (Students):
उत्तर और उत्तर पश्चिमी दिल्ली के हजारों छात्र जो दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के नॉर्थ कैंपस, जामिया मिलिया इस्लामिया या जेएनयू (JNU) जैसे बड़े संस्थानों में पढ़ते हैं, उनके लिए यह वरदान है. बुराड़ी और मंगोलपुरी जैसे इलाकों से आने वाले छात्रों को अब बसें बदलने की जरूरत नहीं होगी. वे सीधे और सुरक्षित तरीके से अपने कॉलेज समय पर पहुंच सकेंगे.
2. वर्किंग प्रोफेशनल्स (Working Professionals):
साउथ दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कॉर्पोरेट हब में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए कनेक्टिविटी बेहद आसान हो जाएगी. खासकर एयरोसिटी कॉरिडोर (गोल्डन लाइन) के आने से आईटी और एविएशन सेक्टर के प्रोफेशनल्स बिना किसी मानसिक तनाव के ट्रैफिक फ्री सफर कर पाएंगे.

