चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को उस याचिका को खारिज कर दिया है। जिसमें विजय के चुनावी शपथ पत्रों का हवाला देकर उनकी संपत्ति की इनकम टैक्स से जांच की मांग की गई थी। मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एस.ए. धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि बेंच ने पहले भी इसी तरह की राहत की मांग करने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया था। विजय को यह राहत ऐसे वक्त पर मिली है जब वह बतौर सीएम 22 जून को अपना पहला जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। इस मौके पर तमिलनाडु सरकार कई बड़े फैसलों का ऐलान कर सकती है।
दो हलफनामों में अलग-अलग थी संपत्ति
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में विजय पेरम्बूर के साथ त्रिची ईस्ट से जीते थे। उन्होंने दो नामांकन दाखिल किए थे। चेन्नई के वी. विग्नेश ने दायर की थी। अपनी याचिका में, विग्नेश ने कहा कि त्रिची (पूर्व) निर्वाचन क्षेत्र में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने और पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने विजय द्वारा दाखिल हलफनामों में विसंगतियां हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों से कई स्तरों पर विसंगतियां सामने आती हैं, जो गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं और प्रथम दृष्टया ऐसा मामला बनाती हैं जिसकी जांच इनकम टैक्स के डायरेक्टर जनरल द्वारा की जानी चाहिए। तब मद्रास हाईकोर्ट की बेंच ने याचिका पर नोटिस जारी किया था। उसने पाया कि विजय द्वारा दाखिल दो हलफनामों में 100 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी एक अनियमितता थी।
संपत्ति में अंतर पर विजय को घेरा था
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार याचिकाकर्ता ने कहा कि जहां विजय ने पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर के सामने 1,15,13,63,000 रुपये की संपत्ति बताई थी, वहीं त्रिची निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर के सामने उन्होंने 2,20,15,62,010 रुपये की संपत्ति बताई। याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि इस बदलाव के बारे में न तो कोई स्पष्टीकरण दिया गया है और न ही इसके समर्थन में कोई दस्तावेज पेश किया गया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी कीमत वाली संपत्ति का गायब होना संपत्ति छिपाने का एक क्लासिक मामला है और यह लाभकारी स्वामित्व, फंड के रूटिंग और महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने के बारे में गंभीर सवाल खड़े करता है।
मद्रास हाईकोर्ट ने क्यों दी विजय को राहत
सीएम विजय को मद्रास हाईकोर्ट से राहत चुनाव आयोग के जवाब के बाद मिली थी। चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट को बताया है कि सीएम ने पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र के लिए संशोधित नामांकन दाखिल किया। मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद सीएम विजय को बड़ी राहत दे दी है। सीएम विजय ने 10 मई को 9वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 648 करोड़ रुपये है। इस संपत्ति में 426 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति और 220 करोड़ रुपये से ज्यादा की अचल संपत्तियां शामिल हैं।

