Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • जगदलपुर में संतान सुख दिलाने और तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ के जरिए डेढ़ करोड़ की ठगी…
    • 10.71 किलो गांजा के साथ अंतर्राज्यीय तस्कर रायपुर में गिरफ्तार…
    • ये है थाईलैंड का इलीगल मार्केट, बिकती है ऐसी-ऐसी चीज, भारत में लग जाए लाखों-करोड़ों का फाइन!
    • जुलाई में लॉन्च होंगे कई तगड़े मॉडल्स
    • सिंधु जल संधि पर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, कहा-बर्बाद हो जाएगी पूरी अर्थव्यवस्था; दुनिया से लगाई गुहार
    • अंग्रेजों से भिड़ेगा भारत, आज इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी-20 मैच
    • बड़ी कार्यवाही: 55 करोड़ के 37 किलो सोने के बिस्किट तस्करो से जप्त
    • चंदा-चढ़ावा कांड ‘बेनतीजा’
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Thursday, July 2
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»अजब गजब»ये है थाईलैंड का इलीगल मार्केट, बिकती है ऐसी-ऐसी चीज, भारत में लग जाए लाखों-करोड़ों का फाइन!
    अजब गजब

    ये है थाईलैंड का इलीगल मार्केट, बिकती है ऐसी-ऐसी चीज, भारत में लग जाए लाखों-करोड़ों का फाइन!

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 2, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    सोशल मीडिया पर इन दिनों थाईलैंड का एक इलीगल पेट मार्केट चर्चा में है. भारतीय इंफ्लुएंसर सार्थक सचदेवा ने बेहद सावधानी से इस मार्केट की अंदर की झलक दिखाई है. जहां रिकॉर्डिंग करना मना है, वहां उन्होंने जो वीडियो बनाया है, वह देखकर लोग हैरान रह गए हैं.

    इस मार्केट में आम पालतू जानवरों के अलावा दुर्लभ और एक्सोटिक जानवर बिकते नजर आए. छोटे-बड़े रेप्टाइल्स, रंग-बिरंगे पक्षी, बंदर, स्लो लोरिस, विभिन्न प्रजातियों के सांप, छिपकली और अन्य वाइल्ड एनिमल्स खुले में बिकते देखे गए. इनमें कई ऐसे जानवर हैं जो CITES (Convention on International Trade in Endangered Species) की लिस्ट में शामिल हैं और जिनकी व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है. सार्थक ने बताया कि मार्केट में घुसते ही सख्ती से चेकिंग होती है. फोन छीन लिए जाते हैं या रिकॉर्डिंग करने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है. इसके बावजूद उन्होंने छुपकर कुछ क्लिप्स बनाईं जिनमें जानवरों की खरीद-बिक्री साफ दिख रही है.

    भारत में क्या सजा?
    भारत में वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत ऐसे जानवरों को पालना, खरीदना या बेचना गंभीर अपराध है. दुर्लभ प्रजातियों के मामले में फाइन लाखों से शुरू होकर करोड़ों तक हो सकता है. जेल की सजा 3 से 7 साल तक हो सकती है. कई प्रजातियां पूरी तरह संरक्षित हैं, जिन्हें पालने का मतलब सीधे जेल है.

    क्यों फल रहा है यह मार्केट?
    थाईलैंड में पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण डिमांड ज्यादा है. विदेशी पर्यटक एक्सोटिक पेट्स खरीदकर अपने देश ले जाना चाहते हैं. इससे तस्करी का नेटवर्क मजबूत होता जा रहा है. कई जानवर जंगलों से चोरी करके लाए जाते हैं और अस्वास्थ्यकर हालत में रखे जाते हैं. वीडियो में सार्थक ने दिखाया कि कैसे स्टॉल पर जानवरों को छोटे-छोटे पिंजरों में रखा गया है. कुछ जानवरों की हालत खराब दिख रही थी. वीडियो वायरल होते ही लोगों ने कमेंट्स में कहा कि “भारत में होता तो बाजार सील हो जाता।”. कुछ यूजर्स ने वाइल्डलाइफ तस्करी पर सख्त कानून की मांग की.

    विशेषज्ञों की चिंता
    वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट्स कहते हैं कि ऐसे इलीगल मार्केट्स से कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई हैं. खासकर स्लो लोरिस, कुछ प्रजातियों के तोते और सांपों की आबादी तेजी से घट रही है. ये जानवर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. भारत में भी कुछ शहरों में छुपकर एक्सोटिक पेट्स बिकते हैं. लोग सोशल स्टेटस दिखाने के लिए महंगे और दुर्लभ जानवर खरीदते हैं. लेकिन कानून सख्त है और पकड़े जाने पर भारी सजा होती है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    आखिर क्यों दुनिया भर के अमीर लोग चिड़िया की लार से बने घोंसले पर लुटा रहे हैं लाखो?

    July 1, 2026

    विदेशी भक्तों की भक्ति ने जीता दिल, 45 डिग्री तापमान में की दंडवत परिक्रमा

    July 1, 2026

    “रिमझिम बारिश और गरमा-गरम ‘मसाला पराठा’: मानसून का मजा दोगुना करने वाली आसान रेसिपी”

    June 29, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.