करूर रैली भगदड़ मामले को लेकर तमिलनाडु की सियासत में भूचाल आया हुआ है। मुख्यमंत्री के. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार के मंत्रियों पर गवाहों को प्रभावित करने और जांच की दिशा मोड़ने के बेहद गंभीर आरोप लग रहे हैं। इन आरोपों के बीच देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाते हुए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है, जिसमें मंत्रियों द्वारा गवाहों को डराने-धमकाने का दावा किया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के पास इस मामले से निपटने के लिए पहले से ही एक मजबूत और उचित मंच मौजूद है।
Trending
- नन्हे दिल को मिली नई धड़कन,’चिरायु योजना’ ने धमतरी के भाव्यांश को दिया नया जीवन
- सेवा_संकल्प_अभियान”
- 100 साल बाद खोजी गई बिल्ली की नई प्रजाति, तेंदुए जैसी खाल; वजन घरेलू बिल्ली से भी कम
- गणपति विसर्जन के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान हुए भावुक,बप्पा को विदाई देते समय उनकी आंखों से छलक पड़े आंसू…
- पूर्व सरपंच के घर से 70 तोला सोना और ढाई किलो चांदी उड़ाई, दीवार कूदकर फरार हुए चोर…
- ‘वाइब’ ने पहले दिन कमाए ₹2.25 करोड़,‘मडगांव एक्सप्रेस’ की ओपनिंग कलेक्शन को पछाड़ा
- हाईकोर्ट में एक हिंदू और मुस्लिम लड़कियों का समलैंगिक जोड़ा सुरक्षा की मांग लेकर पहुंचा, हाईकोर्ट ने मामले पर कह दी बड़ी बात…
- सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राजा डी किंग यानी राकेश त्रेहान 22 सितंबर को चंडीगढ़ में आईफोन लंगर का करेंगे आयोजन…

