मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हीरा नगर थाना इलाके में रहने वाले हींग कारोबारी की बेटी और ई-कॉमर्स व्यवसाई युवती की अप्रैल में हुई मौत पर पुलिस ने सनसनीखेज हत्या का खुलासा किया है। अब तक की जांच में पुलिस वारदात को ऑनर किलिंग मान रही है। पुलिस ने कारोबारी के बेटे-पत्नी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मां और बेटे के विरोधाभासी बयान सामने आए, लेकिन जब तकनीकी जांच शुरू हुई तो शक गहराने लगा। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मामले की गुत्थी को सुलझा दिया है।
सामने आई पीएम रिपोर्ट में साफ हो गया कि, युवती की मौत जहर खाने से नहीं, बल्कि मारपीट से सिर में आई गंभीर चोट से हुई। उसके शरीर में चोट के कई निशान थे। मां को जेल भेज दिया गया है। वहीं भाई को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
परिवार ने पहले दिए थे ये बयान
एसीपी रूबीना मिजवानी ने बताया, 25 वर्षीय ज्योति, पिता दौलतराम अग्रवाल निवासी बजरंग नगर की हत्या में उसके भाई प्रकाश और 50 वर्षीय मां शीतल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में मामला ऑनर किलिंग का प्रतीत हो रहा है। 2 अप्रैल को ज्योति को घायल अवस्था में हॉस्पिटल में भर्ती किया था। 3 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। तब पुलिस की प्रारंभिक जांच में परिजन ने बताया था कि बेटी का किसी लड़के से प्रेम प्रसंग था। वो उससे शादी करना चाहती थी। परिजन उसके इस कदम का विरोध कर रहे थे। इस पर आवेश में आकर उसने खुद को नुकसान पहुंचाया। मोबाइल तोड़कर कमरे में जाकर जहर खा लिया था।
घटना वाले दिन के CCTV फुटेज नहीं मिले
एसीपी मिजवानी ने बताया कि, पूरा मामला अधिकारियों के संज्ञान में था। उन्हीं से मिले निर्देश पर विभिन्न बिंदुओं पर हीरा नगर पुलिस जांच करती रही। टीम कारोबारी के घर जांच के लिए पहुंची तो पता चला कि जिस कमरे में बेटी ने जहर खाया था, वहां सीसीटीवी कैमरा लगा है। कैमरा डीवीआर को जांच में शामिल किया। आमतौर पर कैमरा डीवीआर पर धूल चढ़ी रहती है, लेकिन जांच में वो साफ मिला। कैमरा डीवीआर को खंगाला तो पता चला कि, घटना वाले दिन के वीडियो ही नहीं है।
ज्योति की मौत की वजह छिपा रहा था परिवार
संभवत: उसे फार्मेट किया गया था। परिवार से डीवीआर के संबंध में पूछा तो कहने लगे कि, हमें नहीं पता कि कैमरा कब से बंद है। जहर की पुड़िया के बारे में अनभिज्ञता जाहिर कर घर में झाड़ू लगने की बात कही। परिवार से लगातार हो रही बात से पुलिस का शक गहराता रहा। पूछताछ में कई सवाल उठते रहे। परिवार के किसी भी सदस्य ने ज्योति की मौत किन वजहों से हुई उसकी मूल वजह नहीं बताई।
जहर नहीं, सिर में चोट लगने से हुई मौत
एसीपी ने बताया कि, जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई तो पता चला कि, ज्योति की मौत जहर खाने से नहीं, बल्कि सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई है। शरीर में 14 चोट के निशान मिले हैं। परिजन ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया था कि, उसने जहर खाया। वारदात वाले दिन भाई प्रकाश और मां शीतल घर पर ही थे। ज्योति प्रेमी से मिलने जा रही होगी, उस दौरान प्रकाश ने उसे रोका। ज्योति और उसके प्रेमी की जाति अलग थी। परिवार इस रिश्ते से नाखुश था। दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। आशंका है कि, इस दौरान भाई ने ज्योति का सिर दीवार पर ठोका हो। इस वजह से उसे गंभीर चोट आई।
जांच में कड़ियां जुड़ती गईं, बढ़ता गया संदेह
मामले में तमाम कड़ियां जोड़ने के बाद वारदात में ऑनर किलिंग का संदेह हुआ। इस पर प्रकाश और उसकी मां शीतल को गिरफ्तार किया है। सामने आए साक्ष्यों के आधार पर दोनों से पूछताछ हुई, जिसमें पता चला कि अग्रवाल परिवार में ज्योति बड़ी बेटी व प्रकाश उससे छोटा है। ज्योति ई-कॉमर्स का व्यवसाय करती थी। प्रकाश यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। परिवार से जितनी भी पूछताछ हुई, उसमें सच्चाई छिपाने के साथ पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया। जब ज्योति बेहोशी की हालत में होगी तब मां-भाई ने उसके मुंह में जहर डाला होगा, ताकि ज्योति की मौत मारपीट नहीं, बल्कि जहर से होने की बात सामने आई। यह बात उन्होंने हॉस्पिटल में बताई थी।
जहर खाती तो नीली पड़ जाती
एसीपी ने बताया कि यदि ज्योति की जहर खाने से जान जाती तो उसके अंग नीले पड़ जाते। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके कान के पीछे गंभीर चोट लगने की बात सामने आई है। डीवीआर को तकनीकी जांच के लिए भेजा लेकिन उसमें डेटा रिकवर नहीं हुआ। रिपोर्ट में आया कि डीवीआर क्षतिग्रस्त होने से उसका डेटा रिकवर नहीं हो सका।

