सुप्रीम कोर्ट से पश्चिम बंगाल के मान्यता प्राप्त मदरसों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खबर है। देश की सर्वोच्च अदालत ने 350 से ज्यादा मदरसा शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। ये सभी कर्मचारी अपनी नियुक्तियों (नौकरी) को रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ कोर्ट गए थे। उनकी मांग थी कि उन्हें राज्य सरकार की ‘ग्रांट-इन-एड’ (अनुदान सहायता) की योजना के तहत नियमित वेतन दिया जाए। कोर्ट ने इस मामले में जांच करने के बाद साफ कर दिया कि इन कर्मचारियों को राहत देने का कोई कोई आधार नहीं पाया गया है।
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