रायबरेली। अखिल भारतीय अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मानसिंह पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को पत्र भेजकर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संस्थानों एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में रिक्त पदों तथा लंबे समय से लंबित OBC, SC एवं ST के आरक्षित पदों को भरने के लिए विशेष बैकलॉग भर्ती अभियान चलाने की मांग की है।
मानसिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के गरीब से गरीब व्यक्ति, वंचित, पिछड़े, दलित, आदिवासी, किसान, श्रमिक और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। गरीबों को सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यदि केंद्र सरकार OBC, SC एवं ST के वर्षों से लंबित बैकलॉग पदों को विशेष अभियान चलाकर भरने का निर्णय करती है, तो यह सामाजिक न्याय के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल होगी।
अब बैकलॉग समाप्त करने का समय।
मानसिंह पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों एवं संस्थानों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। लगभग 9 लाख रिक्त पदों का आंकड़ा लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श में रहा है, लेकिन वर्तमान स्थिति का विभागवार एवं वर्गवार नवीनतम आंकड़ा सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रिक्त पदों का प्रश्न केवल रोजगार का प्रश्न नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों का भी प्रश्न है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि—
- केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों एवं विभागों में रिक्त पदों का नवीनतम विभागवार एवं वर्गवार आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए।
- OBC, SC एवं ST के लंबित आरक्षित पदों की पहचान कर विशेष बैकलॉग भर्ती अभियान चलाया जाए।
- बैकलॉग की रिक्तियों को भरने के लिए अधिकतम छह माह की समय-सीमा निर्धारित की जाए।
- प्रत्येक मंत्रालय एवं विभाग में आरक्षित पदों तथा लंबित बैकलॉग का वार्षिक विवरण सार्वजनिक किया जाए।
- केंद्रीय विश्वविद्यालयों, IIT, IIM एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में शीर्ष पदों पर सामाजिक प्रतिनिधित्व के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं।
- केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण नियुक्तियों में सामाजिक प्रतिनिधित्व की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय सामाजिक प्रतिनिधित्व समिति गठित की जाए।
- संसद के समक्ष प्रत्येक वर्ष आरक्षण एवं सामाजिक प्रतिनिधित्व पर श्वेतपत्र प्रस्तुत किया जाए।
“आरक्षण किसी के विरुद्ध नहीं, समानता का संवैधानिक माध्यम”
अखिल भारतीय अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध विशेषाधिकार नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक सामाजिक असमानता को दूर करने और शासन-व्यवस्था में न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का संवैधानिक माध्यम है।
उन्होंने कहा कि जब देश के उच्च प्रशासनिक, न्यायिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक संस्थानों में सामाजिक प्रतिनिधित्व पर चर्चा हो रही है, तब केवल OBC, SC एवं ST के आरक्षण पर सवाल उठाना न्यायसंगत नहीं हो सकता।
मानसिंह पटेल ने कहा कि योग्यता और सामाजिक न्याय एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। योग्य युवाओं को अवसर देना और वंचित वर्गों को संवैधानिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना—दोनों एक साथ संभव हैं।
प्रधानमंत्री का नाम सामाजिक न्याय के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा
मानसिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीब और वंचित व्यक्ति को देश की विकास यात्रा का सहभागी बनाने के लिए लगातार काम किया है। यदि उनके नेतृत्व में OBC, SC एवं ST के लंबित बैकलॉग को समाप्त करने और रिक्त पदों को विशेष अभियान के माध्यम से भरने का ऐतिहासिक निर्णय लिया जाता है, तो यह उनके सामाजिक न्याय के प्रयासों को नई दिशा देगा।
उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री जी, आपने गरीब से गरीब व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। यदि आपके नेतृत्व में सामाजिक न्याय और न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में भी ऐसा ऐतिहासिक निर्णय होता है, तो आने वाली पीढ़ियां आपके इस योगदान को याद करेंगी और सामाजिक न्याय के इतिहास में आपका नाम स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा।”
मानसिंह पटेल ने कहा कि देश का युवा रोजगार चाहता है, समाज न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व चाहता है और संविधान अपने प्रावधानों का वास्तविक क्रियान्वयन चाहता है। अब केवल आश्वासन नहीं, समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि केंद्र सरकार के रिक्त पदों और लंबित OBC, SC एवं ST बैकलॉग को भरने के लिए तत्काल विशेष राष्ट्रीय भर्ती अभियान की घोषणा की जाए।
आरक्षण पर बहस हो—आंकड़ों के आधार पर।
नियुक्तियां हों—संविधान के आधार पर।
अवसर मिलें—सामाजिक न्याय के आधार पर।
यही मजबूत लोकतंत्र और न्यायपूर्ण भारत की पहचान होगी।

