सिरोही जिले के रेवदर क्षेत्र के उड़वारियां गांव में अंग्रेजी विषय के शिक्षक की नियुक्ति को लेकर विद्यार्थियों का विरोध सामने आया है. शिक्षक की नियुक्ति नहीं होने से नाराज करीब 400 विद्यार्थियों ने मंगलवार को स्कूल का बहिष्कार किया.
विद्यार्थियों का आरोप है कि आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक शिक्षण व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते उन्होंने स्कूल परिसर से दूरी बनाकर अपना विरोध जताया. हालांकि, प्रशासन का दावा है कि उसने बच्चों की मांग को मान लिया है.
विद्यार्थी क्यों कर रहे विरोध?
बताया जा रहा है कि 24 अगस्त को भी ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्कूल में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया था. उस समय शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षक की व्यवस्था करने को लेकर लिखित आश्वासन दिया था. विद्यार्थियों और ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन के बाद भी अंग्रेजी विषय के शिक्षक की व्यवस्था अब तक नहीं की गई है, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ी है.
शिक्षक की नियुक्ति क्यों नहीं हुई?
जानकारी के अनुसार, जिस शिक्षक को उड़वारियां स्कूल में शिक्षण व्यवस्था के लिए नियुक्त करने की बात कही गई थी उसकी जिला नियंत्रण कक्ष में 21 अगस्त से चुनाव ड्यूटी लगा दी गई है. इसके चलते विद्यार्थियों को अपेक्षित शिक्षक उपलब्ध नहीं हो सका. ग्रामीणों ने इसे विद्यार्थियों के साथ किए गए आश्वासन के विपरीत बताते हुए नाराजगी जताई है.
ग्रामीणों का आरोप है कि उड़वारियां स्कूल में अंग्रेजी विषय के शिक्षक का पद रिक्त है, लेकिन कार्यरत शिक्षक को दूसरे स्थान भेजे जाने या फिर दूसरी जगह की जिम्मेदारी देने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इसी के विरोध में विद्यार्थियों ने स्कूल नहीं पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया.
प्रशासन का क्या कहना है?
वहीं, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नैनीवाल ने मामले में विभागीय कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि जिस शिक्षक को शिक्षण व्यवस्था के तहत शिवगंज लगाया गया था, उसका आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि उड़वारियां स्कूल में अंग्रेजी शिक्षक का पद पूर्व में शिक्षक के प्रमोशन के कारण रिक्त हुआ था. बाद में दूसरे शिक्षक को शिक्षण व्यवस्था के तौर पर लगाया गया था, लेकिन अब उस व्यवस्था को निरस्त करते हुए शिक्षक को पुनः उड़वारियां की मूल पोस्ट पर भेजने का आदेश जारी कर दिया गया है.
विद्यार्थियों की मांग पूरी होने के बाद थमा विरोध
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, विद्यार्थियों की मांग पूरी कर दी गई है और उनसे समझाइश के बाद मामला समाप्त कर दिया गया. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद विद्यार्थियों का विरोध समाप्त होने की बात कही जा रही है.

