रांची- जेएससीए स्टेडियम में 9 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का असर अब रांची की हवाई सेवाओं पर भी दिखने लगा है। मैच से एक-दो दिन पहले रांची पहुंचने वाली उड़ानों में सीटों की मांग बढ़ने के साथ कई रूट पर हवाई किराया भी तेजी से बढ़ गया है। क्रिकेट प्रेमियों को मैच देखने के लिए रांची पहुंचना ही नहीं, बल्कि मैच के बाद वापस लौटना भी महंगा पड़ सकता है।
इस बीच यात्रियों पर दोहरा असर पड़ा है। एक तरफ मैच के कारण फ्लाइट की मांग बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर इंडिगो ने 6 अक्टूबर से घरेलू उड़ानों पर फ्यूल चार्ज में 100 से 350 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में रांची T20 का रोमांच बढ़ने के साथ यात्रियों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
हैदराबाद से रांची आने में सबसे ज्यादा खर्च
6 अक्टूबर को उपलब्ध किराया आंकड़ों के मुताबिक, हैदराबाद से रांची आने वाली उड़ान का किराया 7 अक्टूबर को करीब 15,716 रुपये, 8 अक्टूबर को 10,204 रुपये, 9 अक्टूबर को 14,594 रुपये और 10 अक्टूबर को 12,867 रुपये तक दिख रहा है।
वहीं मुंबई-रांची रूट पर 9 अक्टूबर का किराया करीब 12,072 रुपये तक पहुंच गया है। 7 और 8 अक्टूबर को यह करीब 8,796 और 8,604 रुपये से शुरू होता दिख रहा है।
मैच के बाद लौटना भी पड़ेगा महंगा
रांची से दूसरे शहरों के लिए भी मैच के आसपास हवाई किराया बढ़ा हुआ है। रांची-बेंगलुरु रूट पर 7 अक्टूबर का न्यूनतम किराया करीब 7,539 रुपये है, जबकि 8, 9 और 10 अक्टूबर को यह करीब 8,746 रुपये से उपलब्ध दिख रहा है।एयर इंडिया एक्सप्रेस की वेबसाइट पर इसी रूट का किराया इन चारों तारीखों के लिए करीब 7,891 रुपये से प्रदर्शित हो रहा है।
इसी तरह रांची-दिल्ली रूट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस का शुरुआती किराया 7 से 10 अक्टूबर तक करीब 6,466 रुपये है। वहीं रांची-पुणे उड़ान का शुरुआती किराया 7 अक्टूबर को 8,333 रुपये, 8 अक्टूबर को 8,198 रुपये, 9 अक्टूबर को 8,333 रुपये और 10 अक्टूबर को 8,633 रुपये तक दिख रहा है।
इंडिगो के फ्यूल चार्ज ने बढ़ाया अतिरिक्त बोझ
एटीएफ की कीमतों में एक महीने में 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी के बाद इंडिगो ने 6 अक्टूबर से नया फ्यूल चार्ज लागू किया है। अब 500 किलोमीटर तक की उड़ान पर 375 रुपये, 501 से 1,000 किलोमीटर तक 600 रुपये, 1,001 से 1,500 किलोमीटर तक 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर तक 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर 1,300 रुपये फ्यूल चार्ज लिया जाएगा।पुराने शुल्क की तुलना में यह बढ़ोतरी 100 से 350 रुपये प्रति सेक्टर तक है।
आम यात्री की जेब पर कितना असर?
उदाहरण के तौर पर 1,500 से 2,000 किलोमीटर तक की इंडिगो उड़ान में फ्यूल चार्ज के रूप में अब अकेले 350 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। अगर यात्री आने-जाने की दोनों उड़ानों से सफर करता है तो यह अतिरिक्त भार करीब 700 रुपये हो सकता है। दो यात्रियों के राउंड ट्रिप में सिर्फ फ्यूल चार्ज के कारण करीब 1,400 रुपये अतिरिक्त खर्च हो सकते हैं।
हालांकि टिकट की अंतिम कीमत में बेस फेयर, टैक्स और अन्य शुल्क भी शामिल होते हैं, इसलिए वास्तविक अंतर अलग-अलग हो सकता है। एटीएफ की बढ़ती कीमतें फिलहाल एयरलाइंस की लागत पर भी दबाव बढ़ा रही हैं।

