छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए “कैशलेस चिकित्सा सुविधा (संचालन एवं क्रियान्वयन) दिशा-निर्देश, 2026” जारी कर दिए गए हैं। मंत्रिपरिषद् की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में यह कदम उठाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को इलाज के दौरान होने वाली आर्थिक परेशानियों और जटिल प्रतिपूर्ति (Reimbursement) प्रक्रिया से राहत दिलाना है।
इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम, 2013 के तहत परिभाषित शासकीय सेवक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य पात्र होंगे। पात्र हितग्राहियों का सत्यापन करके ई-हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। शासकीय सेवकों की पात्रता का सत्यापन एम्प्लॉयी आईडी के आधार पर और आश्रित सदस्यों का सत्यापन आधार संख्या तथा अन्य दस्तावेजों के माध्यम से आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) द्वारा किया जाएगा। ई-हेल्थ कार्ड मिलने के बाद ही इस कैशलेस सुविधा का लाभ लिया जा सकेगा।
उपचार के लिए, केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा (CGHS) नई दिल्ली के बी-1 श्रेणी के शहर हेतु निर्धारित पैकेज अथवा वास्तविक व्यय, जो भी कम हो, की सीमा निर्धारित की गई है। इस योजना के तहत केवल अंतःरोगी (IPD) उपचार की सुविधा शामिल की गई है, जबकि बाह्य रोगी (OPD) का उपचार पूर्व की भांति नियम, 2013 के तहत प्रतिपूर्ति के माध्यम से ही प्राप्त होगा। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित पैकेज से अधिक सुविधा लेता है, तो उसे अतिरिक्त खर्च स्वयं वहन करना होगा।
योजना के पारदर्शी संचालन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और एनआईसी के सहयोग से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आईटी प्लेटफॉर्म (जैसे BIS, HEM 2.0 और TMS 2.0) का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, किसी भी समस्या के समाधान के लिए 24×7 टोल-फ्री कॉल सेंटर और ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की गई है, जिससे कि आश्रित परिवार और कर्मचारी बिना किसी कठिनाई के इस योजना का लाभ उठा सकें।

