बिलासपुर,16 दिसंबर 2024/ बिलासपुर स्थित जिला अस्पताल में हर रोज 30- 35 मरीजों की निःशुल्क डायलिसिस की जा रही है। अस्पताल में 10 डायलिसिस मशीनें स्थापित हैं, जिसमें से 7 मशीनों का इस्तेमाल किडनी के सामान्य मरीजों के इस्तेमाल के लिए और 3 मशीनों का उपयोग हेपेटाइटिस जैसे गंभीर बीमारी से ग्रसित किडनी मरीजों के लिए किया जाता है। फिलहाल सभी मशीनों की हालात ठीक ठाक हैं और उनका सक्रिय रूप से उपयोग किया जा रहा है।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल गुप्ता ने बताया कि राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग एवं जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार विगत पांच वर्षों से मरीजों के उचित इलाज हेतु एसकाज संजीवनी संस्था द्वारा डायलिसिस यूनिट का संचालन किया जा रहा है। मशीनों के संचालन के लिए उनके द्वारा 08 डायलिसीस टेकनिशयन एवं 02 सहयोगी स्टाफ कार्यरत है। प्रतिदिन 30-35 मरीज का इलाज किया जाता है। एक माह में 900 साइकिल में मरीजों को फायदा हो रहा है। जिलाधीश के निर्देश और सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में इनमें से 22 मरीजों का प्रतिमाह निःशुल्क पेरिटोनियनल डायलिसिस सुविधा प्रदाय की जाती है, जिसमें प्रति मरीज 22 हजार का व्यय होता है। इसका भार मरीजों पर नहीं पड़ता है।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल बिलासपुर प्रदेश में संचालित सभी डायलिसिस सेंटर्स की अपेक्षा 10 मशीनों के साथ प्रदेश का दूसरा सेंटर है तथा प्रदेश में अपनी उच्च क्षमता के लिए डायलिसिस रैंकिंग में प्रथम एवं द्वितीय स्थान के साथ संचालित है। यहाँ पर आने वाले मरीजों को एरिथ्रोप्रोटीन इंजेक्शन जो कि काफी मंहगा है, उसे निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। वर्तमान में गंभीर डायलिसिस मरीजों का आईसीयू में भर्ती किया जा रहा है। भविष्य में जिलाधीश के निर्देश पर 10 बिस्तर का अलग से नेफ्रोलॉजी वार्ड स्थापित किए जाने की योजना है। जिससे दूरस्थ अंचल से आने वाले मरीजों का भर्ती कर डायलिसिस सुविधा प्रदान की जायेगी।
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