रायपुर 8 जनवरी 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 106 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 20.53 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 23 हजार 790 करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथी का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है।
धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। अब तक 79.15 लाख मीटरिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, इसके एवज में 49.15 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 07 जनवरी 2025 को 65 हजार 321 किसानों से 3.41 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 75 हजार 905 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 73 हजार 725 टोकन जारी किया गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
Trending
- ग्रिड ब्लैकआउट की स्थिति में कोरबा बिजली संयंत्र तक 32 मिनट में पहुंचेगा स्टार्ट-अप पावर
- अंबिकापुर:महामाया पहाड़ में युवती का मिला कंकाल, शिनाख्त के प्रयास जारी…
- पुराने एंड्राॅयड यूजर्स को झटका:Google ने इस एंड्रॉयड वर्जन के लिए बंद किया सपोर्ट…
- 50 ग्राम सोने का सिक्का खरीदकर ठगों ने 5.10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए सराफा कारोबारी 20 दिन बाद बैंक खाता फ्रीज…
- ‘उद्धव’ और ‘राज ठाकरे’ के संयुक्त मार्च को लेकर गतिविधियां तेज
- दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों का आंदोलन खत्म, सीजेपी ने किया ऐलान, सरकार ने मानी कौन-कौन सी डिमांड?
- “लड़ाई अभी जारी है”, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी जारी रहेगा प्रदर्शन , CJP ने बताई वजह
- सांसद लक्ष्मी वर्मा ने आधुनिक गोदामों और ए.आई आधारित कृषि निगरानी पर कृषि राज्य मंत्री से किया सवाल
