Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ममता को बायो में Ex-CM मंजूर नहीं, शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनते ही दिया नया परिचय
    • रविशंकर जलाशय की सुरक्षा के लिए गेटों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों हेतु 65.50 करोड़ रुपए की मिली प्रशासनिक स्वीकृति
    • सफलता की कहानी-बिना केमिकल, बंपर मुनाफाः डोलनारायण की जैविक मिर्च ने बाजार में मचाई धूम
    • सायंतन बनर्जी जन्म से नेत्रहीन,लेकिन उन्होंने हौसले से बड़ी मिसाल कायम की आज वह शिक्षक, RJऔर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कर रहे काम…
    • आईपीएल2026:रायपुर में होटलों की बुकिंग 10-10 हजार रुपए तक हुई महंगी, हवाई टिकटों की कीमतें भी बढ़ीं
    • बड़ा अपडेट:तमिलनाडु में विजय सरकार का रास्ता साफ, VCK के समर्थन से मिला बहुमत
    • शुभेन्दु अधिकारी के पीए के कत्ल की गुत्थी सुलझाने गुजरात से बुलाई गई जांच टीम
    • भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज केस के सस्पेंड किए सभी 7 इंजीनियर बहाल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Monday, May 11
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»असफलता से घबराएं नहीं, जीवन में सीख लेते हुए आगे बढ़ें : जगदीप धनखड़
    छत्तीसगढ़

    असफलता से घबराएं नहीं, जीवन में सीख लेते हुए आगे बढ़ें : जगदीप धनखड़

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJanuary 16, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    बिलासपुर, 16 जनवरी 2025/ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने समारोह में उपाधि और गोल्ड मेडल प्राप्त विद्यार्थियों को अग्रिम जीवन की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास एकता और समानता के प्रतीक थे हमें उनकी शिक्षाओं और संदेशों से प्रेरित होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीकी से तालमेल बैठते हुए हुए कौशल एवं नवाचार के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी असफलता से घबराएं नहीं बल्कि उससे सीख लेते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास और साहस के साथ आगे बढ़ते हुए राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया। समारोह में सत्र 2022-23 के 78 एवं 2023-24 की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 77 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण मंडित पदक, 09 दानदाता पदक, 01 गुरू घासीदास पदक तथा 01 कुलाधिपति पदक सहित 85 पदक प्रदान किये गये, इसके साथ ही सत्र 2022-23 एवं सत्र 2023-24 के कुल 122 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाया और वृक्षारोपण का संदेश दिया।
    उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने समारोह में आगे कहा कि समावेशी विकास भारत की परंपरा का हिस्सा रहा है। विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे ऐसा हमें प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुशासन के संकल्प के साथ भारत विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं को अवसरों को पहचानने और नवाचारों के साथ निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। श्री धनखड़ ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज बाहुल्य राज्य है। यहां समृद्धि की काफी संभावनाएं हैं, इसलिए विकास की ऐसी रणनीति बनाएं जिससे सामूहिक समृद्धि बड़े और जन-जन का विकास संभव हो। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में नक्सली उन्मूलन की दिशा में काफी अच्छे प्रयास हुए हैं और इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जनजातियां छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की स्रोत है। उपराष्ट्रपति ने समारोह में सम्मानित होने वाले सभी विद्यार्थियों एवं उनके पालकों तथा विश्वविद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
    छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय भारत के विशिष्ट शैक्षणिक, श्रेणीबद्ध स्वायत्त संस्थानों में से एक है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय अनुसंधान, पेटेंट और प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशन में विश्वविद्यालय द्वारा की गई प्रगति विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, एक ऐसी संस्था है जिसने लगातार छत्तीसगढ़ में शिक्षा और ज्ञान के मार्ग को रौशन किया है। राज्यपाल ने सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके वर्षों के समर्पण, दृढ़ता और कड़ी मेहनत की पराकाष्ठा का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी महान संत थें, जिनके नाम पर इस विश्वविद्यालय का नामकरण किया गया है। सत्य, अहिंसा, करुणा और सद्भाव की उनकी शिक्षाएं हम सभी के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विविधता का सम्मान करें और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखें।
    दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र-छात्राओं के लिए केवल एक औपचारिकता नहीं है। यह एक अच्छा अवसर है जो बदलाव, आत्मंथन और प्रेरणा का प्रतीक है। हमारे लिए गर्व का अवसर और बढ़ जाता है कि छत्तीसगढ़ का इकलौता केन्द्रीय विश्वविद्यालय महान संत बाबा गुरू घासीदास जी के नाम पर स्थापित है। जो ज्ञान, समावेशिता और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक है और अपनी स्थापना के समय से ही केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ की बौद्धिक प्रगति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसकी प्रतिष्ठा केवल हमारे राज्य तक में सीमित नही है बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैली है। उन्होंने कहा कि हमारा भारत विश्व गुरू के रूप में विख्यात रहा है। इसके पीछे नालंदा और तक्षशिला जैसे ज्ञान विज्ञान से समृद्ध विश्वविद्यालय रहे हैं। इस विश्वविद्यालय ने केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल नहीं की है बल्कि एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है कि किस तरह से एक शिक्षण संस्थान समाज की जरूरतों को पूरा कर सकता है।
    श्री साय ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्वाभिमान थाली योजना, सारथी योजना, सुदामा योजना, श्रवण हेल्पलाइन और हेल्दी यूनिवर्सिटी मूवमेंट जैसे अभिनव प्रयास यहां हुए हैं। विश्वविद्यालय ने नवाचारों के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि हर छात्र को न केवल शिक्षा मिले बल्कि एक बेहतर जीवन जीने का मौका भी मिले। समानता, सशक्तिकरण और स्थिरता पर आधारित ये सभी प्रयास छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के साथ गहराई से जुड़े हैं। गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने शिक्षा को आधुनिक युग की चुनौतियों और अवसरों के साथ जोड़ते हुए एक नयी पहचान बनाई है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपकी उपलब्धियां यहां दिखाती हैं कि छत्तीसगढ़ के हृदय में स्थित एक विश्वविद्यालय कैसे ज्ञान और नवाचार का वैश्विक केंद्र बन सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दुनिया आपको चाहे कितनी भी दूर ले जाए, आप विनम्रता, सहानुभूति और दृढ़ता के मूल्यों को हमेशा याद रखें। आप केवल छत्तीसगढ़ का ही नहीं बल्कि भारत जैसे महान राष्ट्र का भविष्य हैं। आपकी क्षमताएं रचनात्मकता और प्रतिबद्धता भारत की प्रगति को आकार देगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में मैं यह आश्वासन देता हूं कि हमारी सरकार ऐसी संस्थाओं का समर्थन और सहयोग करती रहेगी, जो सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
    उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने गोल्ड मेडल एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर केन्द्रीय आवासन शहरी एवं राज्यमंत्री तोखन साहू, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला सहित गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवाल, एआईसीटी के प्रोफेसर टी.जी. सीताराम, राष्ट्रीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रमुख डॉ. अतुल भाई कोठारी सहित शिक्षाविद, अनुसंधानकर्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी-अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    रविशंकर जलाशय की सुरक्षा के लिए गेटों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों हेतु 65.50 करोड़ रुपए की मिली प्रशासनिक स्वीकृति

    May 9, 2026

    सफलता की कहानी-बिना केमिकल, बंपर मुनाफाः डोलनारायण की जैविक मिर्च ने बाजार में मचाई धूम

    May 9, 2026

    आईपीएल2026:रायपुर में होटलों की बुकिंग 10-10 हजार रुपए तक हुई महंगी, हवाई टिकटों की कीमतें भी बढ़ीं

    May 9, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.