रायपुर । हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज 6 अलग-अलग मामलों में दायर अग्रिम जमानत याचिकाओं को तकनीकी खामी का हवाला देते हुए खारिज कर दिया।
जानकारी के अनुसार, तोमर बंधुओं ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी। लेकिन सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि उनके आवेदन के साथ अनिवार्य शपथ पत्र संलग्न नहीं था। बिना शपथ पत्र के किसी भी जमानत याचिका को अधूरा माना जाता है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इस गंभीर कमी को देखते हुए उनकी याचिका तत्काल प्रभाव से खारिज कर दी।
तोमर बंधु पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर घोषित हैं और उन पर धोखाधड़ी, रंगदारी और जमीन हड़पने जैसे कई गंभीर आरोप दर्ज हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकी चूक से यह साबित होता है कि याचिका सही और वैध आधार पर दायर नहीं की गई थी। अब तोमर बंधुओं के पास केवल दो ही विकल्प बचे हैं—या तो वे उच्च न्यायालय में अपील करें या फिर आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत की मांग करें।
यह फैसला साफ संकेत देता है कि अदालतें कानूनी प्रक्रियाओं के पालन में सख्त हैं और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
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