सुप्रीम कोर्ट में चार जनवरी तक सभी मामलों की सुनवाई बंद,जरूरी मामलों में 22 दिसंबर को होगी सुनवाई

कोर्ट में अचानक इस बात को लेकर माहौल बहुत गंभीर हो गया। 17 दिन तक रेगुलर हियरिंग नहीं होने पर यह सवाल उठने लगा कि अब अर्जेंट मामलों का क्या होगा? और इसी के चलते वकीलों ने शुक्रवार को अर्जेंट हियरिंग की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने अर्जेंट मामलों की लिस्टिंग को लेकर वकीलों को दो टूक में जवाब देते हुए जरूरी मामलों की सुनवाई को लेकर अहम फैसला सुनाया है। साथ ही अर्जेंट हियरिंग के लिए वकीलों के सामने शर्त भी रखी गई है। इससे यह साफ हो जाता है कि हर अर्जेंसी को एक जैसा नहीं समझा जाएगा।
दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कुछ वकीलों ने अपने अर्जेंट मामलों की सुनवाई के लिए मांग रखी। इसके पीछे का कारण यह था कि कोर्ट 4 जनवरी तक विंटर वेकेशन के लिए बंद हो रहा है और अब रेगुलर सुनवाई 5 जनवरी 2025 से शुरू होगी। इसी बीच वकीलों ने तुरंत मामलों को लिस्ट करने की मांग रखी। इन मांगों को देखते हुए CJI सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि शुक्रवार को किसी भी नए मामले की लिस्टिंग की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस हफ्ते पहले से ही बहुत ज्यादा फाइलिंग हुई है। इस वजह से जज पहले से ही भारी दबाव में फाइलों पढ़ रहे हैं। ऐसे में CJI ने कहा कि आज अगर नए मामलों की लिस्टिंग हुई तो जज फाइल पढ़ेंगे कैसे?
मुख्य न्यायाधीश ने वकील से कहा कि हम सोमवार को इस शर्त पर सुनवाई करेंगे कि आप बहस करेंगे। आप जहां भी तत्काल ज्ञापन भेजेंगे, हम पता लगाएंगे कि क्या वास्तव में कोई तत्काल आवश्यकता है और उसे सोमवार को सूचीबद्ध करेंगे। बस आपको सोमवार को बहस करनी होगी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा ने कहा कि माननीय न्यायाधीश पूरी रात फाइलें पढ़ते रहे हैं क्योंकि बहुत सारी फाइलें जमा हुई थीं। उन्होंने अपनी पूरी रात संक्षिप्त विवरण पढ़ने में बिताई है। मैं उनसे आज कोई नया संक्षिप्त विवरण पढ़ने के लिए नहीं कहूंगा।
जब बच्चे की हिरासत, जमानत, गिरफ्तारी से सुरक्षा आदि से संबंधित कुछ अन्य मामलों का जिक्र हुआ, तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह तुरंत पता लगाया जाएगा कि क्या वास्तव में कोई तात्कालिकता है। यदि यह पाया जाता है कि वास्तव में कोई तात्कालिकता, अंतरिम जमानत या हिरासत का मुद्दा है, तो हम 22 दिसंबर को इस पर सुनवाई करेंगे।



