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    Home»BREKING NEWS»30 घंटे से जारी सारंडा जंगल मुठभेड़:16 माओवादी ढेर; 1500 जवान तैनात
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    30 घंटे से जारी सारंडा जंगल मुठभेड़:16 माओवादी ढेर; 1500 जवान तैनात

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJanuary 23, 2026
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     झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी शुक्रवार को भी जारी रही। एक दिन पहले यहीं पर सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 16 विद्रोहियों को मार गिराया था। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पतिराम मांझी उर्फ ​​अनल दा, जिस पर कुल मिलाकर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था, गुरुवार को जंगल के किरीबुरु इलाके में मारे गए 16 माओवादियों में शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड ने उस पर एक करोड़ रुपये, ओडिशा ने 1.2 करोड़ रुपये और आतंकवाद विरोधी एजेंसी एनआईए ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई और राज्य पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान में मारे गए लोगों में पांच महिलाएं भी शामिल थीं। देश में वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मी इस अभियान में लगे हुए हैं।

    दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद गोलीबारी शुरू हुई
    पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) माइकल राज एस ने बताया, “सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी जारी है। हमने उस इलाके को अपने कब्जे में ले रखा है।” राज्य पुलिस के प्रवक्ता राज ने कहा कि यह राज्य में नक्सल विरोधी सबसे बड़े अभियानों में से एक है। यह अभियान सारंडा जंगल में अनल और उसके गिरोह की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद मंगलवार को शुरू किया गया था। इससे एक दिन पूर्व सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने रणनीति तैयार करने के लिए जिला मुख्यालय चाईबासा में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद गोलीबारी शुरू हुई। सुरक्षा बल दशकों से प्रतिबंधित सशस्त्र समूह के केंद्रीय समिति सदस्य अनल की तलाश कर रहे थे जो 1987 से सक्रिय था। वह तीन मार्च, 2006 को बोकारो में सीआईएसएफ शिविर पर हुए हमले में शामिल था, जिसमें पांच जवान मारे गए और दो घायल हुए थे। वह जून 2019 में सरायकेला-खरसावां जिले के कुकरू हाट में पांच सुरक्षाकर्मियों की हत्या और मई 2025 में ओडिशा में खनन के लिए रखे गए पांच टन विस्फोटक की लूट में भी शामिल था।

    झारखंड में कोल्हान व सारंडा को माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है
    अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया एक अन्य शीर्ष माओवादी बिहार-झारखंड विशेष क्षेत्र समिति (बीजेएसी) का सदस्य अनमोल उर्फ ​​सुशांत था जो 149 मामलों में वांछित था और उस पर कुल 90 लाख रुपये का इनाम था। इस अभियान में मारे गए अन्य माओवादियों में क्षेत्रीय समिति का सदस्य अमित मुंडा शामिल जिस पर 62 लाख रुपये का इनाम था और वो 96 मामलों में वांछित था। उप-क्षेत्रीय समिति का सदस्य पिंटू लोहार 47 मामलों में वांछित था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम था तथा लालजीत उर्फ ​​लालू पर भी पांच लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्रीय समिति के सदस्य राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबीता और पूर्णिमा भी मारे गए। झारखंड में कोल्हान और सारंडा को माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल तक राज्य में 11,000 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया, लगभग 250 मारे गए और 350 से अधिक ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

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