Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छत्तीसगढ़:कन्या भोज करने के लिए अपने घर से निकली बच्ची की रेप के बाद हत्या, कोर्ट ने आरोपी चाचा को सुनाई मृत्यु दंड की सजा…
    • छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़-केंद्रीय विद्युत मंत्रालय से निर्देश जारी, स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य
    • छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, 16 सितंबर का वेदर अपडेट जारी…
    • जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    • नवा रायपुर के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिली नई पहचान
    • राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सपरिवार देखी फिल्म ‘हनुमान अंश’
    • अधिक दर पर शराब बेचने वालों पर शिकंजा
    • जनकल्याण और जनभागीदारी का व्यापक अभियान बने ‘सेवा संकल्प अभियान’ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, September 11
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»1993 मुंबई बम धमाकों के आरोपी अबू सलेम को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की समय पूर्व रिहाई की याचिका
    राष्ट्रीय

    1993 मुंबई बम धमाकों के आरोपी अबू सलेम को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की समय पूर्व रिहाई की याचिका

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inSeptember 10, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली। वर्ष 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी और गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे सालेम की समय पूर्व रिहाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें सलेम की रिहाई की अर्जी को खारिज कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के निर्णय में किसी भी प्रकार की कानूनी त्रुटि मानने से इनकार कर दिया।

    सलेम का दावा और अदालत का तर्क

    याचिका में अबू सलेम ने तर्क दिया था कि जेल में बिताई गई अवधि के दौरान अर्जित रेमिशन (सजा में छूट) को मिला दिया जाए, तो वह अपनी 25 साल की सजा पूरी कर चुका है। इसलिए उसे समय से पहले रिहा किया जाना चाहिए। हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसके इस दावे को अमान्य करते हुए कहा था कि उसकी 25 वर्ष की अनिवार्य सजा 2030 में ही पूरी होगी।

    उच्च न्यायालय के इस फैसले को सालेम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर अदालत ने 27 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब शीर्ष अदालत का निर्णय आने के बाद सालेम को 2030 तक जेल में ही अपनी सजा काटनी होगी।

    कौन है अबू सलेम?

    अबू सलेम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सिंडिकेट का हिस्सा था। जून 2017 में अबू सलेम को 1993 के मुंबई धमाकों के मामले में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई। उसे सीरियल बम धमाकों में इस्तेमाल के लिए गुजरात से मुंबई हथियार ले जाने का दोषी पाया गया था। इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    भारत में अब चिप्स-कोल्ड ड्रिंक के पैकेट पर भी लगेगी चेतावनी? सुप्रीम कोर्ट जारी करेगा आदेश…

    September 10, 2026

    तोड़ा जाएगा 100 साल पुरानी शाही मस्जिद का हिस्सा ; हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

    September 10, 2026

    HPV टीकाकरण अभियान को पटरी से उतारना चाहते हैं? सुप्रीम कोर्ट नाराज

    September 10, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.