21 अक्तूबर 1951 को दिल्ली में एक दीपक जलाया गया था। उस दिन कम लोगों ने सोचा होगा कि इतना…
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विकसित भारत की ओर, भारत की यात्रा की नींव, हमारे गांवों की समृद्धि पर ही रखी जानी चाहिए। जो किसान…
अपना आशियाना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद है, राहत है, रोशनी और खुशी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में…
क्या उचित कदमों से सरकारों द्वारा संस्थानों दी जा रही वित्तीय सहायता को और ज्यादा तर्कसंगत नहीं बनाया जा सकता?…
रिंग -अ-रिंग-ओ-रोजेज, पॉकेट फुल ऑफ पोजेज’, बच्चों की इस तुकबंदी को याद कीजिए। लेकिन यह महज बालगीत नहीं रह गया…
हर नागरिक को सरकारी पॉलिसी के मकसद पर सवाल उठाने का संवैधानिक हक है। हाल ही में राज्यसभा में निजी…
विशेष लेख औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति प्रदेश में 51 हजार 80 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम…
भारतीय न्यायिक व्यवस्था बेहिसाब खर्चीली, बेहद पेचीदा, आधुनिक प्रगतिशील और प्रतिस्पर्धात्मक युग में देशवासियों का अनावश्यक कीमती समय बर्बाद करने…
एयरपोर्ट के फूड कोर्ट में वेटर ने पूछा, ‘‘सर, क्या आप अपनी कॉफी के साथ कुछ और लेना चाहेंगे?’’ मैंने…
सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की पहल से साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प रायपुर- लोकतंत्र…
