नवा रायपुर अटल नगर से एक बड़ी प्रशासनिक खबर आ रही है, जहाँ छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सांसदों और विधायकों को मिलने वाली लिपिकीय (सचिवालयीन) सुविधाओं के नियमों में एक महत्वपूर्ण आंशिक संशोधन किया है। अब राज्य के विधायकगण अपनी सचिवालयीन सहायता के लिए प्रदेश के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों की सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, इस नए संशोधन में विधायकों के लिए एक कड़ा प्रतिबंध भी जोड़ा गया है, जिसके अनुसार राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ किसी भी कर्मचारी को किसी विधायक के साथ अटैच (संबद्ध) नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि राज्य स्तरीय कर्मचारियों को अटैच न करने का यह प्रतिबंध सांसदों के मामलों में लागू नहीं होगा, यानी सांसद अपनी सुविधा के लिए राज्य स्तरीय कार्यालयों के कर्मियों की सेवाएं भी ले सकेंगे।
Trending
- कर्नाटक के विजेताओं की लिस्ट, पवन खेड़ा और मल्लिकार्जुन खरगे पहुंचे राज्यसभा, BJP का भी एक जीता
- इंदौर में कार से उतरते ही बस ने केंद्रीय मंत्री के रिश्तेदार को कुचला
- गुजरात के दिव्यांग टीचर ने स्कूल में एक साल तक की 5 लड़कियों के साथ गंदी बात, गिरफ्तार व सस्पेंड
- हौसलों की उड़ान: संघर्षों को मात देकर ‘लखपति दीदी’ बनीं कांति साहू
- घंटों पेशाब रोकने के नुकसान? किडनी और दिमाग के लिए खतरनाक
- सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव,सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल
- छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव
- थलपति विजय ने पीएम मोदी को नीति आयोग की मीटिंग में क्या-क्या मांगा

