ग्राम टेमरी में पायलट प्रोजेक्ट सफल, सीईओ
श्री राजेश सिंह राणा ने किया निरीक्षण; ग्रामीणों ने जताई खुशी, स्थायी व्यवस्था की मांग
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक अभिनव और किफायती मॉडल विकसित किया गया है। इस नवाचार के तहत सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली से कम लागत में घर-घर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
इस पायलट परियोजना को ग्राम टेमरी में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जहां क्रेडा के सीईओ
श्री राजेश सिंह राणा द्वारा आज दिनांक 08.04.2026 को स्वयं स्थल निरीक्षण कर इसकी कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया। इस सिस्टम में 5000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी में एक बूस्टर पंप स्थापित कर गांव के 20 घरों के बाहर सार्वजनिक उपयोग हेतु नल-टैप भी लगाए गए हैं, जिनके लिए पृथक पाइपलाइन बिछाई गई है।

इस पूरे सिस्टम की लागत लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये के बीच आई है, जो कि पारंपरिक बड़े ढांचों पर आधारित जल आपूर्ति प्रणालियों की तुलना में काफी कम है। जहां पहले बड़े टैंक और भारी संरचनाओं पर आधारित सिस्टम लगाए जाते थे, वहीं यह नया मॉडल कम लागत, सरल स्थापना और बेहतर रखरखाव के साथ एक व्यवहारिक विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है।
ग्राम टेमरी के ग्रामीणों ने इस नई व्यवस्था पर संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब उन्हें पेयजल के लिए पूर्व की तुलना में काफी सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को गांव में स्थायी रूप से लागू बनाए रखने का भी निवेदन किया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन को मिला नया बल
प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
क्रेडा का यह नवाचार भविष्य में अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल के रूप में अपनाया जा सकता है, जिससे कम लागत में अधिक से अधिक लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।

