बीजिंग: चीन ने पहली बार पुष्टि की है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक बैठक को लेकर बातचीत चल रही है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत के बारे में बताया है। उन्होंने कहा ‘चीन तीनों राष्ट्राध्यक्षों की बैठक के संबंध में संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है।’ हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तारीख तय नहीं किया गया है लेकिन तीनों नेताओं के बीच ये मुलाकात इसी महीने दक्षिणी चीनी शहर शेन्ज़ेन में होने वाले एक क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है।
अमेरिका के राष्ट्रपति बार बार जी-2 या जी-3 के गठन का संकेत दे चुके हैं। उन्होंने इसी साल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग से अलग अलग बैठकें की हैं। लेकिन जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ऐसा होता है और तीनों नेताओं के बीच मुलाकात होती है तो ये ऐतिहासिक होगा। हालांकि तीनों देशों के बीच इतने ज्यादा मतभेद हैं कि किसी एक मुद्दे पर सहमति बनना मुश्किल है लेकिन चीन और रूस के लिए ये एक बड़ी डिप्लोमेटिक जीत होगी कि अमेरिका अब उन दोनों को एक महाशक्ति के तौर पर स्वीकार कर रहा है।
शेन्ज़ेन में मिलेंगे रूस, अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति?
नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बात करते हुए IIPA के रजिस्टार अमिताभ रंजन ने कहा कि तीनों वैश्विक नेता टकराव टालने के लिए किसी समझौते तक पहुंचना चाहते हैं लेकिन अमेरिका को इससे सबसे ज्यादा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के साथ जब शी जिनपिंग की तस्वीर सामने आएगी तो इसका संदेश ये होगा कि चीन की वैश्विक छवि अब अमेरिका के बराबर है और वो भी एक वैश्विक महाशक्ति है। इससे उसे ग्लोबल साउथ में अपना दबदबा बनाने में मदद मिलेगी।
वहीं स्टिमसन सेंटर में ‘चाइना प्रोग्राम’ की डायरेक्टर सन युन ने एनबीसी न्यूज से कहा ‘मुझे लगता है कि ऐसा होगा। सवाल बस इसके स्वरूप और इसमें होने वाली चर्चा का है।’ उन्होंने आगे कहा ‘चीन को बस एक अच्छी छवि चाहिए लेकिन वह इसके लिए कोई कीमत नहीं चुकाना चाहता।’

