Why Pain Goes Away After Taking A Painkiller: दर्द हमारे शरीर का एक जरूरी सिग्नल है, जो हमें किसी चोट या अंदरूनी समस्या के बारे में चेतावनी देता है. लेकिन जब यही दर्द ज्यादा तेज या लगातार बना रहता है, तो इसे कम करने के लिए लोग सबसे पहले पेनकिलर का सहारा लेते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर पेनकिलर खाते ही दर्द कैसे कम होने लगता है और यह दवा कितनी तेजी से असर करती है.
क्या करता है पेनकिलर?
न्यूरोलॉजिस्ट Rebecca Seal और एनेस्थेसियोलॉजिस्ट प्रोफेसर Benedict Alter जिन्होंने पेन के बारे में स्टडी किया था, उनके अनुसार दर्द सीधे उस जगह से नहीं आता जहां चोट लगी होती है, बल्कि शरीर के विशेष नर्व सेल्स चोट या सूजन को महसूस करके दिमाग तक सिग्नल भेजते हैं. दिमाग इन सिग्नल्स को दर्द के रूप में समझता है. यही वजह है कि पेनकिलर का काम दर्द की जड़ पर नहीं, बल्कि इन सिग्नल्स को रोकने पर होता है.
कैसे काम करता है पेनकिलर?
जब आप पेनकिलर लेते हैं, तो दवा पेट में घुलकर खून के जरिए पूरे शरीर में फैल जाती है. आमतौर पर कुछ मिनट के भीतर इसका असर शुरू हो जाता है, जबकि कुछ दवाएं एक घंटे तक का समय ले सकती हैं. ये दवाएं शरीर में बनने वाले उन केमिकल्स को कम करती हैं, जो सूजन और दर्द के लिए जिम्मेदार होते हैं. उदाहरण के तौर पर, इबुप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दवाएं COX एंजाइम को ब्लॉक करके दर्द के सिग्नल को कमजोर कर देती हैं.

