कोलकाता: कोलकाता नगर निगम (केएमसी) चुनाव से पहले बीजेपी ने मुस्लिम-बहुल भवानीपुर इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने वार्ड-77 की निवासी और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता जहांआरा अहमद को भवानीपुर-3 माइनॉरिटी मंडल मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया है। बीजेपी का मानना है कि इस नियुक्ति से मुस्लिम समुदाय के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। जहांआरा अहमद की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में वार्ड-77 ही एकमात्र ऐसा वार्ड था, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी अब नगर निगम चुनाव से पहले इस क्षेत्र में अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
कौन हैं जहांआरा
करीब 6 सालों से बीजेपी की पूर्णकालिक कार्यकर्ता रहीं जहांआरा अहमद एक विधवा हैं और उनका एक किशोर बेटा है। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता वार्ड-77 में पार्टी संगठन को नए सिरे से खड़ा करना और केएमसी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना होगा। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में लोग बीजेपी से जुड़ना चाहते हैं और पार्टी के विस्तार के लिए सकारात्मक माहौल बन रहा है।
बीजेपी ने सौंपी कमान तो क्या बोली जहांआरा
जहांआरा ने यह भी कहा कि बीजेपी को मुस्लिम विरोधी बताने वाली धारणा को बदलने की जरूरत है। उनके अनुसार, बीजेपी शासित राज्यों में मुस्लिम समुदाय के लोग भी विकास का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी से जुड़े रहने के कारण उन्हें पिछले कुछ वर्षों में कई तरह की परेशानियों और धमकियों का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी।
बीजेपी ने जहांआरा को क्यों चुना
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि जहांआरा अहमद की नियुक्ति पार्टी की राजनीति और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की नीति का हिस्सा है। उनके अनुसार, अल्पसंख्यक समुदाय की एक महिला को महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी देना यह संदेश देता है कि पार्टी समर्पित कार्यकर्ताओं को अवसर देने और समाज के सभी वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

