जगमोहन मीणा अलवर के रैणी तहसील के प्रागपुरा गांव के रहने वाले हैं. साल 1989 में उनका जन्म हुआ. राजस्थान में उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई. इसके बाद उन्हेंने कानपुर IIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. उन्होंने UPSC की परीक्षा पास कर 2013 में IPS बने. 13 साल नौकरी करने के बाद अब उहोंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ. अभी वे भुवनेश्वर के DCP के पद पर हैं.
पुलिस वीरता पदक से सम्मानित
जगमोहन काम को लेकर बहुत ही सजग रहने वाले हैं. साल 2019 में उन्हें पुलिस वीरता पदक मिला. फिर 2021 में उन्हें पुलिस आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक और साल 2023 में राज्यपाल पदक से भी सम्मानित किया गया है.
कानपुर IIT से M.Tech किया
कानपुर आईआईटी से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स (M.Tech) की पढ़ाई की. इसके बाद UPSC की तैयारी की, और 2012 की सिविल सेवा परीक्षा पास की. उन्होंने 849वीं रैंक हासिल की. उन्हें ओडिशा कैडर मिला.
2019 में ओडिशा के नक्सल प्रभावित जिले मलकानगिरी के एसपी थे तो कई माओदी विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया, जिसकी खूब सराहना हुई. इसके अलावा वे अंगुल और गंजाम जिलों के भी SP रहे. इसके बाद वे डीसीपी बने.
ओड़िशा सरकार का आभार जताया
जगमोहन ने बताया कि दोस्तों और परिवार वालों से डिस्कसन करने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया है, जो अभी अंडर प्रॉसेस है. उन्होंने बताया कि वे व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है, और उन्होंने अपनी प्राइवेसी का सम्मान करने के लिए कहा है. ओडिशा सरकार का धन्यवाद दिया. उन्होंंने कहा कि सरकार ने जिम्मेदारी सौंपकर उन पर जो भरोसा जताया गया, उसके लिए वह हमेशा सरकार के आभारी रहेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओडिशा राज्य और यहां के लोगों की सेवा करना उनके लिए हमेशा से गर्व की बात रही है.

