राजस्थान के उदयपुर में हुए चर्चित टेलर कन्हैया लाल मर्डर केस को लेकर कन्हैया लाल के परिवार ने ट्रायल में तेजी लाने के लिए अब तक स्पेशल कोर्ट गठित नहीं किए जाने पर सवाल उठाए हैं. कन्हैया लाल के बेटे यश साहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के साथ परिवार का दर्द लोगों के सामने रखा.
साहू ने अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि तत्कालीन गहलोत सरकार अगर स्पेशल कोर्ट का गठन कर देती तो अब तक दोषियों को सजा हो सकती थी. वहीं अब कन्हैया लाल के परिवार ने इसी भाषण के हिस्से को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए पूछा है कि प्रदेश में करीब ढाई साल से बीजेपी की सरकार है, केंद्र और राजस्थान दोनों में ही बीजेपी की सरकार है. ऐसे में अब तक स्पेशल कोर्ट का गठन क्यों नहीं किया गया.
परिवार ने पूछा कब मिलेगा इंसाफ?
परिवार का कहना है कि न्याय में देरी क्यों हो रही है, हत्यारों को सजा कब मिलेगी और परिवार कब कन्हैया लाल की अस्थियों को गंगा में विसर्जित कर सकेगा. कन्हैया लाल के परिवार के सोशल मीडिया पोस्ट को राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने मुद्दा बनाते हुए सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा है कि कन्हैया लाल की दुखद हत्या पर सियासी रोटी सेकने वाले लोग उनके परिवार को कब इंसाफ दिलाएंगे.
वहीं अशोक गहलोत के ट्वीट के बाद इस मुद्दे पर राजस्थान के सियासत गरमा गई है. राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने भी केंद्र और राजस्थान की बीजेपी की सरकारों पर निशाना साधा है. उन्होंने भी कहा है कि विधानसभा चुनाव के वक्त बीजेपी ने लोगों को गुमराह करने का काम किया था.
बीजेपी को परिवार से हमदर्दी नहीं- कांग्रेस
जूली ने कहा कि झूठे दावे किए गए थे. बीजेपी की सरकारों को कन्हैयालाल के परिवार से कोई हमदर्दी नहीं है. वह सिर्फ उनके नाम पर सियासी रोटियां सेंकना चाहती है. नेता प्रतिपक्ष ने ये भी कहा कि कन्हैया लाल के परिवार द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद बीजेपी अब बेनकाब हो गई है, कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है.
बीजेपी ने दिया कानूनी जटिलताओं का हवाला
वहीं दूसरी तरफ बैकफुट पर आई बीजेपी ने इस मुद्दे पर कानूनी जटिलताओं का हवाला दिया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी का कहना है कि इस मामले में न्यायपालिका अपना काम कर रही है. सरकार न्यायपालिका के काम में कतई दखलंदाजी नहीं कर सकती है. सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ है.
2022 में हुई थी हत्या
इस मामले में अब देखना यह होगा कि कन्हैया लाल के परिवार को कब इंसाफ मिलता है. कब उनके हत्यारों को सजा मिलती है. गौरतलब है कि जून 2022 में हुई थी कन्हैया लाल की सनसनीखेज हत्या.

