पुंछ। जिले में पिछले कुछ घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते पुंछ को जोड़ने वाले NH-144 (लसाना के पास) पर अचानक भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया, जिससे मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया।
रास्ते में अचानक हुए इस हादसे की वजह से सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. सफर कर रहे यात्रियों के चेहरे पर चिंता साफ देखी जा सकती है, क्योंकि यह हाईवे पुंछ जिले को जम्मू और बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन है.
सुबह-सुबह आया मलबे का सैलाब
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इलाके में सुबह से ही लगातार तेज बारिश हो रही थी. इसी खराब मौसम की वजह से मदाना के पास पहाड़ी कमजोर हो गई और उसका एक बड़ा हिस्सा ढह गया. देखते ही देखते हाईवे पर भारी-भरकम पत्थर, मलबा और कीचड़ जमा हो गया. गनीमत यह रही कि जब यह मलबा नीचे गिरा, उस वक्त वहां से कोई गाड़ी नहीं गुजर रही थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. इस घटना में किसी के भी हताहत या घायल होने की कोई खबर नहीं है.
युद्ध स्तर पर शुरू हुआ रास्ता साफ करने का काम
जैसे ही इस भूस्खलन की खबर स्थानीय प्रशासन को मिली, संबंधित विभागों और सड़क रखरखाव एजेंसियों की टीमें बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गईं. हाईवे को दोबारा चालू करने के लिए जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी को काम पर लगाया गया है. मलबे और बड़े-बड़े पत्थरों को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि फंसे हुए मुसाफिरों को जल्द से जल्द निकाला जा सके.
प्रशासन ने यात्रियों के लिए जारी की जरूरी सलाह
अधिकारियों ने हाईवे पर सफर करने वाले लोगों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति को देखकर ही घर से बाहर निकलें. खासकर लैंडस्लाइड की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों में गाड़ी चलाते समय बेहद सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें.
स्थानीय लोगों ने उठाई पक्के समाधान की मांग
इस बीच, स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से एक अहम मांग की है. लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर आए दिन भूस्खलन का खतरा बना रहता है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में रहती है. ग्रामीणों ने अधिकारियों से अपील की है कि वे इस समस्या का कोई स्थाई और लंबा चलने वाला समाधान निकालें. संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा दीवारें या बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके. फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता हाईवे को सुरक्षित तरीके से बहाल करने पर है.

