डेस्क : मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI ने भोपाल की विशेष अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास, रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने दोनों पर दहेज से जुड़ी प्रताड़ना, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं। CBI की चार्जशीट में ट्विशा की मौत से पहले के घटनाक्रम, कथित मानसिक प्रताड़ना, परिवार के साथ हुई बातचीत और व्हाट्सऐप मैसेज से जुड़े कई अहम विवरण दर्ज हैं। इनमें एक मैसेज ऐसा भी है, जिसे ट्विशा ने मौत से कुछ समय पहले अपनी भाभी को भेजा था और जिसमें उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति को लेकर बेहद परेशान करने वाली बात लिखी थी।
मौत से पहले परिवार से हुई थी बातचीत
रिपोर्टों के मुताबिक, मौत से पहले ट्विशा ने अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान वह काफी परेशान थीं और उन्होंने पति के व्यवहार को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी भाभी को एक मैसेज भेजा, जिसमें उन्होंने शांति की बात कही। यह मैसेज अब CBI की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल बताया जा रहा है।
CBI चार्जशीट में पति और सास पर गंभीर आरोप
CBI ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। एजेंसी का आरोप है कि ट्विशा को वैवाहिक जीवन के दौरान मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और कुछ मामलों को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। मामले में दहेज से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, CBI ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट समझना जरूरी है कि चार्जशीट में किसी व्यक्ति को आरोपी बनाया जाना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। अंतिम फैसला अदालत में सबूतों और सुनवाई के आधार पर होगा।
प्रेग्नेंसी को लेकर भी सामने आए आरोप
इस मामले की जांच के दौरान ट्विशा के परिवार की ओर से यह आरोप लगाया गया था कि प्रेग्नेंसी के दौरान उन पर गर्भावस्था समाप्त करने का दबाव बनाया गया था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सामने हुई कार्यवाही में भी इस तरह के आरोपों का उल्लेख हुआ था। CBI ने कथित व्हाट्सऐप चैट और परिवार के सदस्यों के बयानों समेत विभिन्न साक्ष्यों की जांच की है। ट्विशा के परिवार ने शुरुआत में उनकी मौत को आत्महत्या मानने पर सवाल उठाए थे और हत्या की आशंका जताई थी। परिवार ने शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम को लेकर भी आपत्तियां उठाई थीं। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला किया। इससे पहले मामले में जांच की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठे थे।
AIIMS दिल्ली की रिपोर्ट में क्या सामने आया?
मामले में पारदर्शिता के लिए AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। बाद की फोरेंसिक जांच को CBI ने अपनी जांच का हिस्सा बनाया। जुलाई में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने अपनी फोरेंसिक रिपोर्ट CBI को सौंप दी थी। एजेंसी अब इस रिपोर्ट को केस के दूसरे साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही है।
दिसंबर 2025 में हुई थी शादी
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्विशा और समर्थ सिंह की मुलाकात ऑनलाइन हुई थी और दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद 12 मई 2026 को ट्विशा की मौत उनके भोपाल स्थित वैवाहिक घर में हो गई। घटना के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और परिवार की शिकायतों के बाद जांच का दायरा बढ़ता गया।
CBI की चार्जशीट के बाद क्या होगा?
CBI की चार्जशीट अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें जांच एजेंसी ने अपने आरोपों के समर्थन में विभिन्न दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, बातचीत और गवाहों से जुड़ी जानकारी पेश की है। अब अदालत में इन आरोपों और साक्ष्यों की जांच होगी। समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।

