प्रेम न धर्म की दीवार देखती है और न ही समाज की बंदिशों को. मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक ऐसा ही प्रेम विवाह का मामला सामने आया है. यहां केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून को पूर्व कैदी धर्मेंद्र सिंह से प्रेम हो गया और फिर दोनों ने रीति रिवाज से विवाह कर लिया है. मंगलवार (5 मई) को सतना की केंद्रीय जेल की सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में 14 साल की सजा काट चुके धर्मेंद्र सिंह सेहिंदू रीति रिवाज से छतरपुर के लवकुशनगर में शादी की है.
इस विवाह में कन्यादान सतना के बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने किया है. धर्मेंद्र सिंह चंदला निवासी उक्त युवक सतना की जेल में हत्या के मामले आजीवन कारावास की सजा काट रहा था. वहीं, दोनों का प्रेम परवान चढ़ गया. जेल की चारदीवारी के भीतर कानून-व्यवस्था संभालने वाली अधिकारी ने संदेश दिया कि मोहब्बत और इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता. मुस्लिम अधिकारी के परिजन इस शादी से नाराज थे, वे विवाह में शामिल नहीं हुए तो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने युवती का कन्यादान लेकर विवाह में सहयोग किया.
क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ मुस्लिम महिला अधिकारी फिरोजा खातून की मुलाकात ड्यूटी के दौरान धर्मेंद्र से हुई थी. जेल में महिला अधिकारी वारंट इंचार्ज थी. वहीं सजा काट रहा युवक वारंट का काम करता था. यहां दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई, फिर प्यार परवान चढ़ा. दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला लिया. शादी पूरी तरह से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई.
जेल में चर्चा का विषय रही यह शादी
शादी की खबर सामने आते ही केंद्रीय जेल सतना में यह मामला चर्चा का विषय बन गया. कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने इस जोड़े को बधाई दी. मुस्लिम अधिकारी ने ड्यूटी में जितनी ईमानदारी दिखाई है, निजी जीवन में भी उतनी ही हिम्मत दिखाई है. कुछ लोग इस विवाह की सराहना कर रहे हैं तो कुछ इसके विरोध में भी दिखाई दिए. हालांकि, लेडी जेलर अफसर ने किसी की कोई परवाह नहीं की.

