शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए विपक्षी एकता को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के भीतर ही कुछ दलों द्वारा टीएमसी और डीएमके की हार पर जिस तरह का जश्न और घमंड दिखाया जा रहा है, वह बेहद शर्मनाक है. उनके मुताबिक, यह रवैया विपक्ष की मजबूती को कमजोर करता है.
प्रियंका चतुर्वेदी ने याद दिलाया कि ऐसा ही व्यवहार पहले भी देखने को मिला था, जब अरविंद केजरीवाल और तेजस्वी यादव चुनाव हारे थे. यहां तक कि आम आदमी पार्टी में हाल ही में हुए अंदरूनी विवाद के दौरान भी कुछ सहयोगी दलों का यही रुख सामने आया. उनका कहना है कि यह प्रवृत्ति गठबंधन के लिए नुकसानदायक है.
उन्होंने यह भी कहा कि अब उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों को लेकर अखिलेश यादव को निशाना बनाया जा रहा है. ऐसे समय में जब विपक्ष को एकजुट रहने की जरूरत है, तब इस तरह की बयानबाजी गलत संदेश देती है.
बीजेपी को मिलता है फायदा
प्रियंका चतुर्वेदी ने साफ कहा कि विपक्ष के अंदर इस तरह के मतभेदों का सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलता है. मतदाता भी ऐसे बंटवारे को पसंद नहीं करते और यही वजह है कि विपक्ष कई बार मजबूत स्थिति में होते हुए भी पीछे रह जाता है.
‘गठबंधन क्यों बना, यह याद रखें’
उन्होंने 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय विपक्ष की ताकत किसी एक पार्टी के नेतृत्व से नहीं, बल्कि सभी दलों के सामूहिक प्रयास से बनी थी. इसलिए सभी सहयोगियों को यह याद रखना चाहिए कि इंडिया गठबंधन किस उद्देश्य से बना था.
प्रियंका चतुर्वेदी ने सहयोगी दलों से अपील की कि वे आपसी मतभेदों को किनारे रखकर एकजुटता दिखाएं. उनका कहना है कि अगर विपक्ष मजबूत होकर सामने आता है, तभी वह सत्ताधारी दल को प्रभावी चुनौती दे सकता है.

