मैक्सिको ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 का शुरुआती मुकाबला अपने नाम कर लिया है। टीम ने मैक्सिको सिटी के एस्टादियो एज़्टेका स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-ए मैच में साउथ अफ्रीका को 2-0 से हराया। इस मुकाबले के 9वें मिनट में ही मैक्सिको के जूलियन क्विनोनेस ने गोल दागा। इसके बाद 67वें मिनट में स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने बेहतरीन हेडर लगाकर मैक्सिको की बढ़त दोगुनी कर दी, जो आखिर तक बरकरार रही।
याया सिथोले को टूर्नामेंट का पहला रेड कार्ड
फीफा विश्व कप 2026 के ओपनिंग मैच में दक्षिण अफ्रीका मिडफील्डर याया सिथोले को टूर्नामेंट का पहला रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद सिथोले को दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में मैदान छोड़ना पड़ा। दरअसल, मेक्सिको पहले ही 1-0 की बढ़त हासिल कर चुका था। दूसरे हाफ के 49वें मिनट में सिथोले ने गोल की ओर बढ़ रहे ब्रायन गुटिरेज को फाउल कर रोक दिया। रेफरी ने इसे स्पष्ट गोल करने के अवसर को रोकने का मामला माना और उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया।
इस फैसले के बाद दक्षिण अफ्रीका को उनके बगैर खेलना पड़ा। रेड कार्ड मिलने के बाद दक्षिण अफ्रीका की वापसी की उम्मीदों को भी बड़ा झटका लगा। वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में मिला यह रेड कार्ड टूर्नामेंट की अब तक की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
याया सिथोले के रेड कॉर्ड के बाद भी साउथ अफ्रीका की मुश्किलें कम नहीं हुईं। 84वें मिनट में उनकी ही टीम के साथी थेम्बा ज्वाने को भी रेड कॉर्ड दिखाया गया। इसके बाद साउथ अफ्रीका के 9 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। वहीं इंजरी टाइम में मैक्सिको के कप्तान सेसर मोंटेस को भी गोल रोकने के कारण रेड कॉर्ड दिखाया गया।

टूर्नामेंट का पहला अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक
फीफा विश्व कप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए मैच के दौरान टूर्नामेंट का पहला अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक लिया गया। एस्टादियो एज़्टेका में खेले गए मुकाबले में रेफरी ने लगभग 25वें मिनट में खेल रोककर दोनों टीमों के खिलाड़ियों को पानी पीने और आराम करने का मौका दिया। यह ब्रेक किसी चोट, विवाद या वीएआर जांच के कारण नहीं था, बल्कि फीफा के नए टूर्नामेंट प्रोटोकॉल का हिस्सा था।
खिलाड़ियों की सेहत और प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए फीफा ने विश्व कप 2026 में हर मैच के दोनों हाफ में तीन-तीन मिनट के हाइड्रेशन ब्रेक को अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले भी विश्व कप में पानी पीने के लिए ब्रेक की व्यवस्था रही है, लेकिन परिस्थितियों के आधार पर ऐसे ब्रेक दिए जाते थे। नया नियम तापमान, स्टेडियम की स्थिति, मेजबान देश या एयर कंडीशनिंग जैसी परिस्थितियों से अलग होकर हर मुकाबले में लागू होगा।

