Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • “सेवा_संकल्प_अभियान”
    • जल संरक्षण से जनभागीदारी तक, मल्हनिया जलाशय में गूंजा सेवा का संकल्प
    • सेवा संकल्प अभियान में बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति से गूंजा विकसित भारत का संदेश
    • प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से घरों की छतें बनीं ऊर्जा उत्पादन की इकाइयां, सरगुजा में 1,733 घरों में स्थापित हुए रूफटॉप सोलर संयंत्र
    • अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए 18.42 करोड़ रुपए का आवंटन जारी
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल 20वें रोजगार मेले में युवाओं से होंगे रूबरू, रायपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू करेंगे नियुक्ति पत्र वितरण
    • छत्तीसगढ़ शासकीय भर्तियों को लेकर बड़ा फैसला: भूतपूर्व सैनिकों के रिक्त पदों पर अब मिल सकेगी गैर-भूतपूर्व सैनिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति
    • मुबंई में डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, 6 अरेस्ट
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, September 18
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»पापमोचनी एकादशी क्यों मनाई जाती है? पौराणिक कथा…
    धर्म आस्था

    पापमोचनी एकादशी क्यों मनाई जाती है? पौराणिक कथा…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMarch 11, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Papmochani Ekadashi 2026: चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है. इसे पापों का नाश करने वाली एकादशी माना जाता है. इस दिन भक्त विशेष रूप से भगवान विष्णु की आराधना करते हैं और व्रत रखते हैं. कहा जाता है कि इस व्रत को करने से जीवन में जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों का नाश होता है. साथ ही मानसिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है.

    पौराणिक कथा

    पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले एक ऋषि हुआ करते थे. वे वन में भगवान शिव की कठोर तपस्या कर रहे थे. उनकी कठोर तपस्या को देखकर देवराज इंद्र भयभीत हो गए. उन्होंने ऋषि की तपस्या भंग करने के लिए मंजुघोषा नाम की एक अप्सरा को उनके पास भेजा.

    मंजुघोषा की सुंदरता देखकर ऋषि मोहित हो गए और उनकी तपस्या भंग हो गई. इसके बाद वे उस अप्सरा के साथ अपना जीवन बिताने लगे. दोनों कई वर्षों तक साथ रहे. बाद में मंजुघोषा ने स्वर्ग लौटने की इच्छा जताई. यह सुनकर ऋषि बेहद क्रोधित हो गए. उन्हें एहसास हुआ कि छल से उनकी तपस्या भंग करवाई गई है. क्रोध में आकर उन्होंने मंजुघोषा को पिशाचिनी बनने का श्राप दे दिया.

    इसके बाद मंजुघोषा ने ऋषि से क्षमा मांगी. तब ऋषि ने उसे प्रायश्चित के रूप में पापमोचनी एकादशी का व्रत करने का सुझाव दिया. मंजुघोषा ने ऋषि की बात मानकर यह व्रत किया. स्वयं ऋषि ने भी अपनी तपस्या के नष्ट होने के प्रायश्चित के लिए यह व्रत किया. इस व्रत के प्रभाव से मंजुघोषा पिशाच योनि से मुक्त होकर पुनः अप्सरा बन गई. साथ ही ऋषि के भी सभी पाप नष्ट हो गए.

    एकादशी व्रत का महत्व और लाभ

    मानसिक शांति: धार्मिक मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से मन के विकार जैसे क्रोध, मोह और लोभ कम होते हैं और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है.

    पुण्य की प्राप्ति: ऐसा माना जाता है कि इस व्रत का फल कई हजार वर्षों की तपस्या के बराबर होता है.

    आत्म-शुद्धि: यह व्रत आत्म-चिंतन करने, आत्म-शुद्धि और प्रायश्चित का अवसर प्रदान करता है.

    भगवान विष्णु की कृपा: यह दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

    पापमोचनी एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथि

    • एकादशी तिथि का प्रारंभ: 14 मार्च 2026, शनिवार सुबह 08:15 बजे से
    • एकादशी तिथि का समापन: 15 मार्च 2026, रविवार सुबह 09:16 बजे तक
    • व्रत की तिथि: 15 मार्च 2026
    • पारण का समय: 16 मार्च 2026, सोमवार सुबह 06:46 बजे से 09:11 बजे तक

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.) 

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    कल मनाई जाएगी राधा अष्टमी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

    September 18, 2026

    विश्वकर्मा पूजा कब है, 17 या 18 सितंबर? जानें सही तारीख, मुहूर्त, शुभ योग

    September 16, 2026

    सोमवार को गणेश चतुर्थी, गणपति को कितने दिन घर में रखना चाहिए? जानें डेढ़, 3, 5, 7 या 10 दिन की परंपरा

    September 12, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.