नारायणपुर-शादी समारोह से लौट रहे ग्रामीणों की खुशियां मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में मातम में बदल गईं। घोटिया चौकी क्षेत्र के ढाबामारी मोड़ पर ग्रामीणों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 37 लोग घायल हो गए। इनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। पिकअप में सवार लोग सडक़ किनारे और आसपास जा गिरे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकाला।
शादी से लौट रहे थे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, सिरिसगुड़ा गांव के ग्रामीण नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत रेंगाबेड़ा गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मंगलवार सुबह सभी लोग एक ही पिकअप वाहन में सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि वाहन में करीब 40 लोग सवार थे। सुबह लगभग 7 बजे, जैसे ही पिकअप ढाबामारी मोड़ के पास पहुंची, चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सडक़ पर पलट गई।
घायलों को अस्पतालों में कराया गया भर्ती
सूचना मिलते ही पुलिस टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को पहले लोहंडीगुड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों को महारानी अस्पताल और गंभीर रूप से घायलों को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल (मेकाज) रेफर किया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
दो महिलाओं की मौके पर मौत, गांव में शोक
इस दर्दनाक हादसे में पिकअप के नीचे दबने से सुलो मंडावी (45) और मिटको मंडावी (50) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों महिलाएं एक ही गांव की निवासी थीं। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और खुशियों का माहौल देखते ही देखते मातम में बदल गया।
हादसा इतना भीषण कि लोग दूर जा गिरे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप की रफ्तार तेज थी और मोड़ पर संतुलन बिगड़ते ही वाहन पलट गया। हादसे के दौरान वाहन में बैठे लोग इधर-उधर जा गिरे, जिससे कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। कुछ लोग वाहन के नीचे भी दब गए थे, जिन्हें ग्रामीणों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।
पिकअप में सफर बना जानलेवा
ग्रामीण इलाकों में शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों के दौरान मालवाहक वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर सफर कराने की परंपरा अब भी जारी है। यही लापरवाही कई बार दर्दनाक हादसों का कारण बनती है। मंगलवार का यह हादसा भी एक बार फिर यात्री सुरक्षा और परिवहन नियमों की अनदेखी को उजागर कर गया।

